
Success Story : आप कोई भी बिजनेस को शुरू करो उस बिजनेस में रिस्क थोड़ा न थोड़ा होता ही है। अगर आप बिजनेस में आय रिस्क से नही घबराते है, तो फिर आपको सफलता जरूर मिलती है। आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति की सफलता की कहानी बताने जा रहे है। जिसने अपने एक अच्छी खासी जॉब को छोड़ दिया और खुद का बिजनेस शुरू किया और आज वे एक सफल व्यक्ति है। आज हम आपसे जिसकी बात कर रहे है। इनका नाम पीयूष बंसल है। यह लेंसकार्ट कंपनी के फाउंडर है। आज पीयूष की कंपनी लेंसकार्ट चश्मा बनाने वाली कंपनियों के बीच एक काफी बड़ा नाम बन गई है, तो आइए जानते हैं इनके बारे में।
कुछ अलग करना चाहते थे पीयूष
पीयूष का जन्म 26 अप्रैल 1985 को दिल्ली के एक सामान्य परिवार में हुआ। हमेशा से पीयूष कुछ अलग करना चाहते थे। पीयूष ने आईआईएम बैंगलोर से पढ़ाई की। इसके बाद मन में बहुत सारे आइडिया थे। लेकिन वे नौकरी के कारण उन आइडिया पर काम नहीं कर पा रहे थे। पीयूष ने अपने अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई मैकगिल विश्वविद्यालय कनाडा से की। जब उनकी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी हो गई। उसके बाद उन्होंने साल 2007 में रेडमंड, वॉशिंगटन में माइक्रोसॉफ्ट के लिए एक प्रोग्रामर के रूप में काम किया था।
शुरू किया बिजनेस
माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में यूएस में पीयूष को साल 2007 तक एक बेहतर पैकेज की नौकरी कर रहे थे। पीयूष को बेहतर सैलरी मिल रही थी। लेकिन पीयूष कुछ अलग करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने तय किया। कि वे देश में जाकर ही कुछ करेंगे और अपने सपने को पूरा करेंगे। पीयूष ने माइक्रोसॉफ्ट में 1 साल से भी कम समय तक काम किया इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ दिया। इसके बाद वे देश वापस लौट आए। इसके बाद पीयूष ने सर्च माय कैंपस और वाल्यो टेक्नोलॉजी की शुरूआत की।
मार्केटिंग में पकड़ इस तरह बनाईं
जब पीयूष भारत वापस लौटे, तो फिर पीयूष ने देख कि देश में ई-कॉमर्स बिजनेस काफी तेजी से पनप रहा था। बाजार को समझने के लिए पीयूष ने सर्च माय कैंपस वेबसाइट की शुरुआत की। पीयूष 3 साल तक इसी वेबसाइट में काम करते रहे। पीयूष ने इस साल बाद ने चार अलग-अलग वेबसाइट्स लॉन्च की। इन वेबसाइट में आईवियर, ज्वेलरी, घड़ी और बैग्स की थी। पीयूष ने आईवियर पर बेहतर रिस्पॉन्स देखा। इसी वजह से पीयूष ने आईवियर पर फोकस किया। यही से लेंसकार्ट की सफलता की शुरूआत होने लगी।
इस तरह बनाया लेंसकॉर्ट को सफल
पीयूष ने आईवियर पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया और देश के हर छोटे बड़े शहरों में आउटलेट्स खोलने शुरू किए,जहां पर हर रेंज के चश्में तो दिए ही जा रहे थे। इसके साथ ही इसमें चेकअप की सुविधा भी दी जाने लगी। इसके साथ ही इन चश्मे को ऑनलाइन मार्केट प्लेस में बेचना शुरू कर दिया। पीयूष के यूनिक कॉन्सेप्ट को देखते हुए इन्हें कई निवेशक मिले। आज वे 4.5 अरब डॉलर की कंपनी के मालिक है।


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