नई दिल्ली, जून 26। अगर आपको लगता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश करने के लिए म्यूचुअल फंड के अलावा बहुत कम या कोई भी ऑप्शन नहीं हैं, तो आप गलत हैं। असल में आपके लिए विश्व स्तर पर लिस्टेड कंपनियों, अन्य म्यूचुअल फंड और यहां तक कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करने का एक शानदार विकल्प मौजूद है। ये रूट अहमदाबाद, गुजरात में भारत के गिफ्ट सिटी से गुजरता है, जिसे भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) भी कहा जाता है। इसे मार्च में लॉन्च किया गया था। शुरुआत में आठ अमेरिकी कंपनियों की पेशकश के साथ इसे शुरू किया गया था। इसे इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज या इंडिया आईएनएक्स भी कहा जाता है। यह बीएसई समर्थित प्लेटफॉर्म है जो दुनिया भर के 131 एक्सचेंजों में लिस्टेड शेयरों में निवेश करने का मौका देता है।
अमेरिकी कंपनी से टाई-अप
इंडिया आईएनएक्स ने एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय ब्रोकिंग कंपनी इंटरएक्टिव ब्रोकर्स के साथ करार किया है। ग्राहकों द्वारा दिए गए ऑर्डर इंटरएक्टिव ब्रोकर्स के माध्यम से संबंधित बाजारों में भेजे जाते हैं और ट्रेड उन बाजारों में होता है। निवेशक शेयरों, म्यूचुअल फंड की इकाइयों और ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। वे विदेशों में सूचीबद्ध शेयरों के फ्रेक्शंस भी खरीद सकते हैं।
ऐसे करें कमाई
निवेशक विदेशी बाजारों और मैनेज्ड प्रोडक्ट्स जैसे ईटीएफ में इनोवेटिव बिजनेस में काम करने वाली कंपनियों के शेयरों को चुन सकते हैं और म्यूचुअल फंड विश्व स्तर पर उभरती थीम के लिए शानदार तरीके से एक्सपोजर पेश कर सकते हैं। इस तरह निवेशक समय के साथ लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) द्वारा तय की गयी लिमिट के अंदर एक अच्छी तरह से डाइवर्सिफाई पोर्टफोलियो का निर्माण कर सकते हैं।
एक और है ऑप्शन
एक ऑप्शन एनएसई आईएफएससी (एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज) है, जो यूएस में लिस्टेड 50 चुनिंदा शेयरों के अगेंस्ट जारी अनसिक्योर्ड डिपॉजिटरी रिसीट (यूडीआर) में ट्रेड की सुविधा देता है। यूएस में मार्केट-मेकर्स स्टॉक रखते हैं और उनके खिलाफ यूडीआर पूर्व निर्धारित रेशियो में जारी किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, अमेजन स्टॉक के लिए 10 के अनुपात को देखते हुए, अमेजन स्टॉक पर जारी यूडीआर यूएस एक्सचेंजों पर अमेजन स्टॉक की कीमत के दसवें हिस्से के करीब बोली लगाएगा। यह इन शेयरों को एक्सेसेबल बनाता है, ठीक वैसे ही जैसे फ्रेक्शनल खरीदारी होती है।
कैसे करें ट्रेड
रेसिडेंट और नॉन-रेसिडेंट भारतीय इंडिया आईएनएक्स के साथ सीधे या इंडिया आईएनएक्स के पैनल में शामिल ब्रोकर के माध्यम से खाता खोल सकते हैं। यह काम ऑनलाइन केवाईसी प्रोसेस पूरा करके किया जा सकता है। यह खाता भारतीय एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग के लिए खोले गए ट्रेडिंग और डिपॉजिटरी खाते से अलग है। निवेशक पैसा भेजकर अपने ब्रोकिंग खाते में पैसा लगाता है।
खर्च की सीमा जानें
एलआरएस के तहत, एक निवासी भारतीय एक वित्तीय वर्ष में विदेशों में 250,000 डॉलर तक भेज सकता है। ऐसे व्यक्तियों को इंट्राडे ट्रेड करने, लीवरेज वाले उत्पादों में निवेश करने, ट्रेड डेरिवेटिव्स या शॉर्ट सेल की अनुमति नहीं है। वे केवल डिलीवरी-आधारित लेनदेन कर सकते हैं। चार्जेस की बात करें तो ग्राहकों के लिए दो कॉस्ट हैं - ब्रोकरेज शुल्क और रेमिटेंस कॉस्ट। ब्रोकरेज प्रति ऑर्डर एक फ्लैट चार्ज हो सकता है, जैसे, 1 डॉलर प्रति ऑर्डर या ऑर्डर के साइज का एक छोटा प्रतिशत। रेमिटेंस की लागत अलग अलग बैंक में भिन्न होती है।
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