नई दिल्ली, अक्टूबर 03। तगड़े रिटर्न वाला निवेश का एक नया मौका आया है। ये मौका लाई है एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड। इसने एक नया गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) इश्यू पेश किया है। कंपनी की योजना प्रत्येक 1,000 रुपये के फेस वैल्यू के डिबेंचर के जरिए 400 करोड़ रुपये जुटाने की है। निवेशकों के पास इस एनसीडी इश्यू में चुनने के लिए 1-2 नहीं बल्कि 10 विकल्प होंगे, जो ऑफ़र पर कूपन दर और अवधि पर निर्भर करते हैं, और आप कितनी बार ब्याज राशि प्राप्त करना चाहते हैं।
कितनी है अवधि
एनसीडी की अवधि होगी 24 से 120 महीनों की। कूपन दरें सालाना 8.85 प्रतिशत से शुरू होंगी और सालाना 10.10 प्रतिशत तक होंगी। एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड एडलवाइस ग्रुप का हिस्सा है। ये ग्रुप कई वित्तीय सेवा बिजनेसों में मौजूद है, जिनमें उधार, एसेट मैनेजमेंट, मनी मैनेजमेंट और बीमा तक शामिल हैं। इसके कुछ बिजनेस मार्केट कैपिटल और ब्रोकिंग जैसे उद्योगों में हैं, जो कोरोना महामारी के कम होने के बाद से बेहतर तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।
दमदार है कंपनी की उपस्थिति
कंपनी ऑल इंडिया स्तर पर उपस्थित है और फ्यूचर ग्रोथ के लिए भरोसा करने के लिए एक अच्छा ब्रांड है। स्टैंडअलोन आधार पर, इस सहायक कंपनी की वित्तीय हालत अच्छी दिख रही है। इनमें रेवेन्यू और बैलेंस शीट दोनों का वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2021-22 तक कई गुना विस्तार हुआ है।
29 सब्सिडरी कंपनियां
एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज के पास अपनी 29 सहायक कंपनियां हैं। उनके माध्यम से ये उधार, एसेट मैनेजमेंट, एसेट रिकंस्ट्रक्शन, बीमा और वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज प्रोवाइड करती है। वे निवेशक जो डेब्ट ऑप्शन के जरिए रेगुलर इनकम हासिल करना चाहते हैं, यह इश्यू काफी बेहतर हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये ऐसे समय में एक ऊंची ब्याज दर ऑफर कर रहा है जब बैंक की एफडी दरें रेपो दर में बढ़ोतरी के अनुरूप नहीं बढ़ाई जा रहीं।
अपनी मर्जी से चुनें अवधि
यहां आपको स्प्रेड-आउट मैच्योरिटी ऑप्शन मिलेगा। स्प्रेड-आउट मैच्योरिटी का मतलब है कि आप अपने लिए अपने हिसाब से अवधि चुन सकते हैं। इन बॉन्ड (डिबेंचर एक तरह के बॉन्ड ही होते हैं) को सूचीबद्ध किया जाएगा, जिसका मतलब है कि यदि आपको जरूरत पड़े तो आपके पास जल्दी बाहर निकलने का ऑप्शन रहेगा।
ये हैं कुछ निगेटिव बातें
इस एनसीडी इश्यू की निगेटिव बातें भी हैं। जैसे कि वित्त वर्ष 2019-20 और 2021-22 में कंपनी की कुल इनकम का एक बड़ा हिस्सा इसकी सहायक कंपनियों की बिक्री के जरिए आया। जबकि पिछले वर्ष की तुलना में 2021-22 में इसकी इनकम 30% बढ़ी। वहीं रेटिंग एजेंसी एक्यूइट के अनुसार, एडलवाइस समूह की क्रेडिट प्रोफाइल अपनी एसेट क्वालिटी और प्रोफिटेबिलिटी में गिरावट के कारण दबाव में बनी हुई है। इसलिए, ग्रुप लेवल वित्तीय प्रदर्शन के लिए शॉर्ट से मिड अवधि में सावधानीपूर्वक निगरानी की आवश्यकता होती है। इसलिए निवेश से पहले इन बातों का ध्यान रखें। रेटिंग एजेंसियों क्रिसिल और एक्यूट द्वारा निगेटिव आउटलुक के साथ इश्यू को एए- रेटिंग दी गई है। एए रेटिंग अच्छी तरह से कैपिटलाइज्ड एडलवाइस समूह को दर्शाती है, जबकि निगेटिव आउटलुक इसकी बिगड़ती एसेट क्वालिटी और स्ट्रेस्ड प्रोफिटेबिलिटी के बारे में चिंताओं को दर्शाता है।
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