
Lazypay : केंद्र सरकार ने 5 फरवरी को 94 लेंडिंग ऐप्स (उधार देने वाली) पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार ने कहा कि इन ऐप का लिंक चीन से है और इनका कंटेंट शामिल है जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक है। मगर सरकार के इस आदेश के बाद कुछ भारतीय कंपनियों के ऐप भी काम नहीं कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक नोटिस के बाद फिनटेक प्रमुख पेयू की बाय-नाउ-पे-लेटर सेवा लेजीपे की वेबसाइट को बंद कर दिया गया है। पेयू की ओनरशिप दक्षिण अफ़्रीकी और डच समूह नैसपर्स के पास है।
लेजीपे का कहना क्या है
लेजीपे की वेबसाइट के अनुसार आईटी अधिनियम, 2000 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश के अनुसार वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह क्लियर नहीं है कि सरकार ने लेजीपे की वेबसाइट को बंद करने का ऐसा निर्देश क्यों जारी किया है। एक अन्य लोन देने वाला प्लेटफॉर्म किश्त भी भारत में यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।
चालू हो सकती है ऐप
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार पेयू के एक प्रवक्ता के मुताबिक कुछ वजहों से हमारी वेबसाइट और ऐप वर्तमान में कुछ इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के जरिए अनुपलब्ध हैं। मगर उन्होंने इस दिक्कत को जल्द ही सॉल्व करने की बात कही। हो सकता है कि ये तकनीकी दिक्कत हो और ये ऐप फिर से चालू हो जाए। हालांकि आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नॉन-चाइनीज लिंक वाली लोन भी बैन की गयी 230-ऐप में शामिल हैं।
लोन प्लेटफॉर्म्स में घबराहट
सरकार के इस कदम ने लोन देने वाले प्लेटफार्म्स के बीच घबराहट पैदा कर दी है। वैसे कई प्लेटफॉर्म्स को अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं दी गयी है। सरकार के इस कदम को चिंता का विषय माना जा रहा है। रविवार को केंद्र सरकार ने चाइनीज ऐप पर सख्त कार्रवाई की। इस बार सरकार की तरफ से चाइनीज लोन के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया गया है। सरकार ने रविवार को बताया कि सरकार ने "अर्जेंट" और "इमरजेंसी" आधार पर चीनी लिंक वाले 138 सट्टेबाजी (बेटिंग) ऐप्स और 94 लोन देने वाली ऐप्स पर बैन लगाने की प्रोसेस शुरू कर दी है।


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