Layoffs IBM: साल 2023 में IBM ने एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी, जिनमें HR(Human Resources) से थे। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कंपनी ने कई नियमित HR कामों को AI के जरिए ऑटोमेट करने का निर्णय किया था।
IBM ने AskHR नाम का एक AI सिस्टम विकसित किया है, जो छुट्टी की मांग, सैलरी ब्रेकअप और कर्मचारी डॉक्यूमेंट्स जैसे टास्क को संभालने में सक्षम था। न्यूयॉर्क के अर्मोंक स्थित इस टेक कंपनी का फोकस वर्कफोर्स बढ़ाना, कॉस्ट कट और HR सेक्टर की प्रोडक्टिविटी को टेक्नोलॉजी के जरिए नया रूप देना था।

कंपनी ने इस वजह से शुरु की हायरिंग
हालांकि, IBM ने उम्मीद की थी कि AskHR सिस्टम HR के कामों को पूरी तरह से संभाल लेगा, लेकिन नतीजे वैसे नहीं रहे। AskHR ने भले ही 94% स्टैंडर्ड HR टास्क जैसे पे रोल क्वेरी, छुट्टी की मंजूरी और डॉक्यूमेंट्स प्रबंधन को ठीक से संभाल लिया, लेकिन बाकी 6% काम, जिनमें अधिक समझ की जरूरत थी, वहां ऑपरेशनल गैप्स नजर आए। इन गैप्स का असर प्रोडक्टिविटी और सर्विस क्वालिटी भी असर हुआ। इस वजह से IBM ने फिर से हायरिंग शुरू की।
2024 में बढ़ाया वर्कफोर्स
भले ही पहले छंटनी हुई थी, लेकिन 2024 में IBM का कुल वर्कफोर्स बढ़ा। कंपनी ने ऑटोमेशन से हुई बचत को उन क्षेत्रों में री-इनवेस्ट किया। कंपनी ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सेल्स, मार्केटिंग, क्लाइंट रिलेशनशिप की भूमिकाओं में क्रिएटिविटी, इमोशनल इंटेलिजेंस, और स्ट्रैटेजिक थिंकिंग की जरूरत को पूरा करने के लिए लोगों की हायरिंग की।
हालांकि IBM ने तेजी से ऑटोमेशन अपनाया, लेकिन इसकी बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी। IBM का अनुभव उन कंपनियों के लिए एक सीख है जो AI को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। ऑटोमेशन से भले ही प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जा सकती है, लेकिन वर्कफोर्स को पूरी तरह से हटाया नहीं जा सकता। खासकर उन मामलों में जो इमोशनल इंटेलिजेंस की मांग करती हैं।


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