नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण देश भर में बड़ी संख्या में लोग घर से काम कर रहे हैं। बैंगलोर में भी ऐसा ही हाल है। लोग घर को ही ऑफिस की तरह भी इस्तेमाल कर रहे हैं। मौजूदा स्थिति में फिलहाल सुधार की संभावना नहीं दिख रही, इसलिए बैंगलोर में अब घर खरीदार बड़े मकान चाहते हैं। बड़े मकान के लिए जरिए वे भरपूर जगह और कम्फर्ट सुनिश्चित करना चाहते हैं। बैंगलोर में बड़े घरों को प्राथमिकता दी जा रही है और ये बदलाव मांग के पैटर्न में साफ दिखाई दे रही है। बैंगलोर में प्रॉपर्टी बिल्डरों के पास आ रहे सवालों में अधिकतर स्पेस और साइज से जुड़े हैं। कोरोना संकट आने के बाद बिल्डरों और ब्रोकरों के पास 80 लाख रुपये और 1 करोड़ रुपये के बीच तैयार (Ready-To-Move) बड़े घरों के लिए ज्यादा सवाल आ रहे हैं।
3 बीएचके की मांग सबसे अधिक
पिछले दो महीनों में सीरियस घर खरीदारों की तरफ से 80 फीसदी मांग 3 बीएचके के लिए आई है। अनुमान लगाया जा रहा है यह ट्रेंड अगले 12 से 18 महीनों तक जारी रहने की संभावना है और इसके चलते धीरे-धीरे सभी तैयार इन्वेंट्री (तैयार हो चुके घर) के बिकने की उम्मीद है। मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए रेरा की तरफ से दी गई छह महीने की अतिरिक्त मोहलत से बड़े और निर्मित घरों की आपूर्ति खत्म हो जाएगी। एक लक्जरी संपत्ति ब्रोकिंग फर्म के सीईओ के अनुसार रेरा ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बिल्डरों को अतिरिक्त समय दिया है, इसलिए इस मांग-आपूर्ति के अंतर को भरने के लिए 12-18 महीनों में बहुत सीमित नए प्रोजेक्ट आएंगे।
बैंगलोर में कम है 3 बीएचके की आपूर्ति
बैंगलोर में बड़े 3 बीएचके घरों की आपूर्ति बहुत सीमित है क्योंकि पिछले तीन महीनों में ऐसी कोई नई परियोजना लॉन्च किए जाने का ऐलान नहीं किया गया है। इसके अलावा लेबर की कमी और हाई इनपुट लागतों के कारण छोटी अवधि में बाजार में नई परियोजनाओं के आने की संभावना नहीं है। इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार बड़े घरों के लिए रुचि में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसकी वजह ये है कि लोग अब अपने घरों के अंदर ही ऑफिस स्पेस चाहते हैं। इतना ही नहीं खरीदारों की विला में भी नए सिरे से दिलचस्पी बढ़ रही है।
बुरा है रियल एस्टेट सेक्टर का हाल
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार मार्च के अंतिम सप्ताह से लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ने रियल एस्टेट सेक्टर को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके नतीजे में नई परियोजनाओं के आने में देरी हुई। बेंगलुरु में नए आवास की शुरुआत 2020 की पहली छमाही में 54 फीसदी घट कर 9,190 यूनिटस रह गई। इधर दिल्ली के सबसे शानदार इलाके लुटियंस जोन और आस-पास के इलाके में 24 से अधिक बंगले बिक रहे हैं। इन बंगलों की कीमत करोड़ो में है। यहां बिक रहे बंगलों की कीमत 75 से 160 करोड़ रु तक है। बहुत जल्द 600 करोड़ रु तक के बंगले भी बिक सकते हैं। ये प्रॉपर्टीज लुटियंस जोन के अलावा हैली रोड, जोर बाग और गोल्फ लिंक जैसे इलाकों में मौजूद हैं।
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