नई दिल्ली, जुलाई 26। पिछले कुछ महीनों से देश में कोयले का संकट चल रहा है। कोयले की कमी को दूर करने के लिए सरकार को जल्दीबाजी में विदेश से कोयला मंगाना पड़ रहा है। देश में कोयले की कमी और विदेशो से कोयला आयात करने के बीच गौतम अडानी को इसका फायदा मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार सरकारी बिजली निर्माता कंपनी एनटीपीसी ने दो करोड़ टन कोयले के आयात का ऑर्डर दिया है। 2 करोड़ टन कोयले के आयात में 1.73 करोड़ टन कोयले के आयात का ऑर्डर अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के हाथ लगा है। एनटीपीसी ने इस साल अब तक 70 लाख टन विदेशी कोयले का आयात किया है।
बढ़ी है बिजली की मांग
इस मामले में अडानी ग्रुप और एनटीपीसी ने कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। भीषण गर्मी और कोराना माहामारी के प्रकोप कम होने के साथ ही इन्डस्ट्रियल गतिविधियों के पटरी पर लौटने से देश में बिजली की मांग रेकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है। पिछले महीने बिजलीघरों के पास कुछ ही दिनों का कोयला रह गया था। इस कारण से सरकार ने कंपनियों को कोयला आयात करने का आदेश दिया था। कोल इंडिया ने जून महीमे में कोयले के आयात को लिए टेंडर निकाला था, कोल इंडिया ने पहली बार कोयले के आयात के लिए टेंडर निकाला था।
अडानी को हो रहा है फायदा
ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के अनुसार कोयले के आयात में बढ़ोतरी से अडानी की पोर्ट कंपनी को फायदा हुआ है, इसी वजह से अडानी समूह का मुनाफा और राजस्व जून तिमाही में बढ़ा है। ब्लूमबर्ग ने बताया कि बिजली बनाने वाली कंपनियों के साथ फिक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट्स और स्ट्रॉन्ग ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के कारण आडनी ग्रुप को तगड़ा फायदा हो रहा है। आयात की वजह से भारतीय पावर प्लांट्स में कोयले के भंडार में पिछले एक महीने में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
बारिश में रहती है कमी
मानसून पुरे देश में पकड़ बना चुका है, बारिश की वजह से भारत में कोयले की खादाने बंद रहती हैं। भारत में जुलाई से सितंबर का महीना बारिश का होता है। बारिश में खादानों में पानी भर जाता है और ट्रांसपोटेशन की भी दिक्कत रहती है।


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