नई दिल्ली, जुलाई 5। नो योअर कस्टमर (केवाईसी) अपडेट ड्राइव के तहत एसबीआई ने उन बहुत से ग्राहकों के खातों को फ्रीज कर दिया है, जिन्होंने 1 जुलाई से अपने केवाईसी को अपडेट नहीं किया है। इस बात की जानकारी बैंक की तरफ से कई बार दी गयी और अब इस पर एक्शन लेते हुए ग्राहकों के खातों को फ्रीज करने जैसा सख्त कदम उठाया है। हालांकि इस कदम से बैंक के ग्राहकों को परेशानी आई है। आगे जानिए बाकी डिटेल।
ग्राहकों को हो रही परेशानी
द हिंदू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई के एक ग्राहक के अनुसार इस नियम को लागू करने के लिए चुना गया समय ग्राहकों के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि यह सैलेरी टाइम है। वे कहते हैं कि बैंक के फैसले के बारे में किसी ने सूचित नहीं किया है और अब वे पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। अधिकतर ग्राहक पहले से सूचित न किए जाने के कारण ही इसी तरह की समस्या का सामना करना कर रहे हैं।
क्या कहना है बैंक का
एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक अधिसूचना जारी की गई थी और ग्राहकों को लेटर भी भेजे गए थे, जिसमें उन्हें अपने केवाईसी मानदंडों को अपडेट करने का निर्देश दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई के लॉगिन पोर्टल केवाईसी अपडेट पर ग्राहकों को कोई सामान्य सूचना या अलर्ट नहीं शो कर रहा है। इसकी जानकारी ग्राहक को तभी होती है, जब वह किसी एटीएम या ऑनलाइन लेन-देन का प्रयास करते हैं।
क्या है आरबीआई का रुख
आपको बता दें कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बैंकों को नियमित रूप से केवाईसी अपडेट करने की सलाह दी है, ताकि ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। बैंकों की तरफ से पहले 10 साल में एक बार केवाईसी अपडेश होता था। लेकिन अब हर तीन साल में एक बार ये प्रोसेस की जा रही है।
केवाईसी अपडेट की आवश्यकता
एसबीआई के अधिकारी के मुताबिक ऐसे कई खाते हैं जिन्हें अपडेट करने की आवश्यकता है। असल में कोरोना महामारी के दौरान शाखाएं बंद रहीं और लोगों का बैंकों का दौरा करना कम रहा। ऐसे में ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवाईसी अपडेट की आवश्यकता है। कुछ अन्य बैंकों में केवाईसी अपडेशन के कारण खातों को फ्रीज नहीं किया गया है। यानी फिलहाल यह केवल एसबीआई तक ही सीमित है।
ऑनलाइन केवाईसी
केवाईसी के लिए दस्तावेज जमा करने से पहले, केवाईसी डिटेल अपडेट करने के लिए, आपको बैंक में कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे। व्यक्तिगत लोगों के लिए जिन दस्तावेजों को पहचान और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है उनमें पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार पत्र/कार्ड, नरेगा कार्ड और पैन कार्ड शामिल हैं। नाबालिग खाताधारक के मामले में, जहां नाबालिग की उम्र 10 वर्ष से कम है, खाता संचालित करने वाले व्यक्ति का आईडी प्रूफ जमा करना होगा। ऐसे मामलों में जहां नाबालिग स्वतंत्र रूप से खाते का संचालन कर सकता है, पहचान/पता सत्यापन के लिए केवाईसी प्रक्रिया किसी अन्य व्यक्ति के मामले में लागू होगी। यदि आपका केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है तो ब्रांच में एक बार बात करें।
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