नयी दिल्ली। कोरोनावायरस से देश की इकोनॉमी प्रभावित हो रही है। इस प्रभाव को कम करने के लिए आरबीआई ने कई उपाय किये, जिनमें रेपो और रिवर्स रेपो रेट कम किया जाना शामिल है। मगर आरबीआई के इन उपायों के बाद देश के अन्य बैंकों ने अपने ग्राहकों को झटके दिए हैं। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई सहित कई बैंकों ने बचत खाते और एफडी पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की है। इसी कड़ी में अब भारत के प्राइवेट सेक्टर के चौथे सबसे बड़े बैंक कोटक महिंद्रा बैंक ने भी बचत खाते पर ब्याज दर घटा दी है। कोटक महिंद्रा बैंक ने पिछले एक साल में कई बार अपने बचत खाते में पर ब्याज दरों में संशोधन किया है। बैंक ने इनमें एक बार फिर से बदलाव किया है। बैंक के बचत खातों पर नई ब्याज दरें 20 अप्रैल से प्रभावी हो गयी हैं।
कितना होगा नुकसान
कोटक महिंद्रा बैंक बचत खाते में 1 लाख रुपये से ऊपर की दैनिक शेष राशि पर अब सालाना 4.5 प्रतिशत ब्याज देगा। वहीं 1 लाख रुपये तक की दैनिक शेष राशि के लिए बैंक ने ब्याज दर 3.75 प्रतिशत प्रति वर्ष कर दी है। बैंक ने अपनी वेबसाइट पर जारी सूचना में कहा है कि ये ब्याज दरें केवल निवासी खातों के लिए ही लागू है। कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने इस फैसले से पहले पिछले महीने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उधारकर्ताओं, खाताधारकों और क्रेडिट कार्डधारकों को तीन महीने की मोहलत दिए जाने का फायदा ग्राहकों को दिया था। कोटक बैंक ने 31 मार्च, 2020 तक के लोन पर तीन महीने की मोहलत दी थी। हालांकि ये सुविधा अप्रैल 2020 और उसके बाद लिए गए लोन पर नहीं मिलेगी।
कई बैंकों ने बचत खाते पर ब्याज दर कम की
इस बीच अन्य बैंकों ने भी अपने बचत खाते के लिए ब्याज दरों में संशोधन किया। उदाहरण के लिए इस महीने की शुरुआत में एसबीआई ने अपने बचत खाते की ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की, जो 15 अप्रैल 2020 से प्रभावी है। एसबीआई ने बचत खाते पर ब्याज दर 3 फीसदी से घटा कर 2.75 फीसदी की है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने भी बचत खाते में 0.25 फीसदी ब्याज दर घटायी, जो 9 अप्रैल 2020 से लागू है। बैंक में 50 लाख रुपये से कम की शेष राशि पर 3.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, जबकि इसके ऊपर बैलेंस पर 3.75 प्रतिशत कमाई होगी।
एसबीआई खाते पर होने वाला नुकसान
यहां ध्यान देने वाली बात है कि एसबीआई के बचत खाते पर 2.75 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा जो आपका नॉमिनल रिटर्न है। इन्फ्लेशन रेट है इस समय 5.91 फीसदी। अब यदि नॉमिनल रिटर्न (2.75 फीसदी) में से इन्फ्लेशन (5.91 फीसदी) को घटाया जाए तो आपकी रियल रिटर्न आएगी -2.98 फीसदी। इसका मतलब यह है कि एसबीआई में आपके बचत खाते में पड़े पैसों की क्रय शक्ति इस मुद्रास्फीति दर के आधार पर सालाना 2.98 फीसदी की दर से घट रही है। इसी तरीके से आईसीआईसीाई बैंक के खाता धारकों को भी सालाना -2.03 फीसदी का नुकसान होगा।


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