नई दिल्ली, सितंबर 26। हमेशा ही तमाम तरह के सरकारी या प्राइवेट सेक्टर के काम निपटाने के लिए हम सभी लोगों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पासपोर्ट की जरूरत पड़ती ही है। इन सभी डॉक्यूमेंट्स को हम पहचान पत्र के साथ-साथ एड्रेस प्रूफ के तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि किसी के मृत्यू के बाद इस सारे डॉक्यूमेंट का क्या होता होगा। क्या यह अपने आप रद्द हो जाते हैं या परिजनों को करवाना पड़ता है।
पैन कार्ड है जरूरी दस्तावेज
इनकम टैक्स भरने से लेकर तमाम फाइनेंशियल कामों के लिए पैन कार्ड का होना बहुत ही जरूरी है। पैन कार्ड सभी बैंक खातों से लिंक होता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके परिवार के सदस्यों को इनकम टैक्स विभाग में संपर्क कर के पैन कार्ड को सरेंडर करवा देना चाहिए। कार्ड सरेंडर करने से पहले यह सुनिश्ति कर लें कि क्या व्यक्ति की सारे बैंक अकाउंट बंद हो गए हैं।
पासपोर्ट को संभाल कर रखना होता है
पासपोर्ट बनवाने की नियमों के तहत जब कोई पासपोर्ट एक बार बन जाता तो उसे व्यक्ति के मौत होने के बाद रद्द नहीं करवाया जा सकता। जब पासपोर्ट की वैलिडिटी खत्म हो जाएगी तो यह अपने आप रद्द हो जाएगा। इसे संभाल कर रखना होता है, ताकि इसका कोई मिसयूज ना कर सके।
आधार कार्ड का क्या करना चाहिए
कई बार ऐसा सुनने को मिला है कि जालसाज आधार कार्ड से जरूरी जानकारी चुराकर फ्रॉड कर देते हैं। ऐसे में मृतक के आधार कार्ड का गलत फायदा ना उठाया जा सके ये निश्चित करना मृतक के परिजनों की जिम्मेदारी होती है। यूआईडीआई के पास आधार कार्ड रद्द करने का कोई अधिकरा नहीं है, हालांकि आधार को लॉक किया जा सकता है।
निर्वाचन कार्ड
किसी भी मृत आदमी के ओटर कार्ड को रद्द कराया जा सकता है। इसके लिए आपको निर्वाचन आयोग के कार्यालय में विजिट करना होगा। वहां फार्म भर के इसे कैंसिल कराया जा सकता है।


Click it and Unblock the Notifications