Success : अगर व्यक्ति में कुछ करने की इच्छा है और वो उसके लिए पूरी मेहनत करता है तो फिर उसको सफलता जरुर मिलती है इस बात को साबित किया है बेकिंगो और फ्लावर ओरा कंपनी के तीन पार्टनर्स ने। आज हम आपसे जिन व्यक्ति की बात कर रहे है उनका नाम शैरी सहगल, हिमांशु चावला और सुमन पात्रा है।
सिर्फ 2 लाख रु लगाकर शुरू किए गए उनके स्टार्टअप फ्लावर ओरा का टर्न ओवर आज 60 करोड़ तो बेकिंगो का 75 करोड़ रु है। दोनों कंपनियों में करीब 650 कर्मचारी कार्य करते हैं। क्लाउड किचन पर आधारित बेकिंगो देश के 35 शहरों में अपने प्रोडक्ट कस्टमर्स तक पहुंचा रही है।

इन तीनों ने आईआईटी या आईआईएम में नहीं पढ़े हैं. इन तीनों ने ही दिल्ली नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद तीनों ने कुछ साल तक नौकरी भी की लेकिन वर्ष 2010 आते-आते तीनों ही दोस्त नौकरी से आजिज आ गए और खुद का कार्य शुरू करने का प्लान बनाया।
तीनों ने वर्ष 2010 में एक स्टार्टअप शुरू किया। जिसका नाम फ्लावर ओरा रखा। उन्होंने इस स्टार्टअप को गुरुग्राम की एक बिल्डिंग के बेसमेंट में शुरू किया। इसमें तीनों ने मिलकर 2 लाख रु का निवेश किया। यह कंपनी ऑनलाइन फूल, केक और पर्सनलाइज्ड गिफ्टिंग का कार्य करती थी। कंपनी का पहले वर्ष बिजनेस 10 लाख रुपये रहा। धीरे धीरे कार्य बढ़ता गया।
फूल और केक की डिलीवरी करते हुए इन तीनों दोस्तों को यह पता चला कि देश में एक ऑर्गेनाइज्ड बेकरी बिजनेस की बेहद ही सक्त आवश्यकता है। अगर कोई फ्रेश बेकरी प्रोडक्ट की होने डिलीवरी करे तो बेहतर कमाई की जा सकती है।
इसी मांग को भुनाने के लिए वर्ष 2016 में शैरी सहगल, हिमांशु चावला और सुमन पात्रा ने बेकिंगो की नींव रखी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शहरों में चलने वाली बेकरी 5 से 10 प्रकार के केक ही बनाती है जबकि बेकिंगो के पास केक की 500 वेरायटीज हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 7 वर्ष में ही बेकिंगो ने काफी तरक्की की है। अब तक कंपनी का टर्नओवर 75 करोड़ रु से अधिक का हो चुका है। बेकिंगो कुछ सौ रु से लेकर हजारों रुपये तक के केक बनाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बेकिंगो से कस्टमर्स आम केक के अलावा स्पेशल और डिजाइनर केक भी मंगवा सकते हैं।


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