Success Story: आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की सफलता की कहानी बताने जा रहे है। जिसने आईआईटी से पढ़ने के बाद अपनी एक बेहतर वेतन वाली नौकरी को छोड़ दिया और अपने बिजनेस आइडिया पर काम किया। आज उनकी कंपनी हजारों करोड़ की है। आज हम आपको जिस व्यक्ति की सफलता की कहानी बताने जा रहे है उनका नाम विदित आत्रेय है। वे मीशो के को-फाउंडर है, तो फिर आइए जानते हैं इनके बारे में।

विदित आत्रेय दिल्ली के रहने वाले है। विदित के पिता दिल्ली जल बोर्ड में काम करते थे। विदित की फैमिली दो
बेडरूम वाले सरकारी क्वार्टर में रहती थी। बचपन में विदित पढ़ाई में अच्छे होने की वजह से उनके पिता ने उन्हें आईएएस बनने के लिए प्रेरित करते थे।
विदित का भी सपना यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करके आईएएस बनने का था। पहले उन्होंने जेईई क्लियर कर लिया और आईआईटी में दाखिला किया। जब उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया। इसके बाद उनकी नौकरी आईटीसी में लग गई। उनकी नौकरी एक बेहतर पैकेज पर लग गई।
मगर विदित का झुकाव नौकरी की तरफ नहीं था। उनका झुकाव बिजनेस की तरफ बढ़ने लगा था। इसी वजह से उन्होंने अपने दोस्त संजीव बरनवाल के साथ मिलकर एक कम्पनी की शुरुआत की। आईआईटी दिल्ली में संजीव विदित के साथ ही पढ़ते थे।
हालांकि, उन्होंने जो बिजनेस शुरू किया था वह फेल रहा। मगर उन्होंने अपने फेल स्टार्टअप से काफी कुछ सीखा। विदित को इसी सीख ने मीशो शुरू करने के लिए प्रेरित किया। इस प्लेटफार्म में सस्ते रेट में विभिन्न कैटेगेरी के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं।
विदित और संजीव का आइडिया यह था कि वे अपने प्लेटफार्म के जरिए छोटे व्यवसाइयों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए जोड़ना चाहते थे। जहां सेलर को मार्केटप्लेस बनाने का मौका मिलता है।
उनका यह आइडिया सफल रहा और काफी कम वक्त में कंपनी की काफी अधिक ग्रोथ हो गई। आज उनकी कंपनी की वैल्यूशन हजारों करोड़ में पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार वर्तमान में कंपनी की मार्केट वेल्यूसन 40,576 करोड़ रु से कहीं ज्यादा हैं।


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