नई दिल्ली, जुलाई 5। सफलता तो हर कोई पाना चाहता है और सफलता पाने की कोशिश भी करता है, मगर कुछ ही लोग होते है जो सफल हो पाते है उन्ही लोगो में से एक है अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी जो एशिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अडानी की नेटवर्थ 88.5 अरब डॉलर पहुंच चुकी है। उन्होंने देश की सबसे बडी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड कर यह उपलब्धि हासिल की है।
कभी चॉल में रहने वाले अडानी ने कैसे हासिल की यह उपलब्धि
गौतम अडानी Bloomberg Billionaires index में दुनिया के अमीरों की श्रेणी में दसवें नंबर पर हैं। उनको यह उपलब्धि पहली बार मिली है। जबकि अंबानी इस 11वें नंबर पर हैं। इस वर्ष कमाई में गौतम अडानी सब पर भारी पड़े हैं। इस वर्ष उनकी नेटवर्थ में 12 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है जबकि अंबानी की नेटवर्थ में 2.07 अरब डॉलर की गिरावट आ गई है। वैसे गौतम अडानी फोर्ब्स की लिस्ट में पहले ही अंबानी से आगे निकल गए थे।
गौतम अडानी का जन्म गुजरात के अहमदाबाद में 24 जून 1962 को हुआ था। अडानी का परिवार अहमदाबाद के पोल एक चॉल में रहता था। गौतम अडानी का कारोबारी सफर उस समय शुरू हुआ था, जब उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढाई पूरी किए बिना मुंबई आ गए थे। उन्होंने अपना पहला काम डायमंड सॉर्टर के तौर पर शुरुआत किया और कुछ ही वर्षो में मुंबई के झवेरी बाजार में खुद की डायमंड ब्रोकरेज फर्म शुरू कर दी था।
अहमदाबाद में प्लास्टिक फैक्ट्री में किया काम
इसके बाद उन्होने मुंबई में कुछ वर्ष बिताने के बाद उन्होंने अपने भाई की प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने के लिए वापस अहमदाबाद आ गए हैं। यहां से गौतम अडानी ने पीवीसी यानी पॉलिविनाइल क्लोराइड का इंपोर्ट शुरू करने का फैसला किया और उन्होंने ग्लोबल ट्रेडिंग में एंट्री की। प्लास्टिक बनाने में पीवीसी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।
पीवीसी इंपोर्ट में तेजी से इजाफा होता रहा और अडानी ग्रुप पावर और एग्री कमोडिटी 1988 में आधिकारिक तौर पर स्थापित हो गया। 1991 में भारत में हुए आर्थिक सुधारों की बदौलत अडानी का कारोबार जल्द ही डायवर्सिफाई हुआ और अडानी एक मल्टीनेशनल बिजनेसमैन बन गए। 1995 गौतम अडानी के लिए बेहद सफल साबित हो गया, जब अडानी कंपनी को मुंद्रा पोर्ट के संचालन का कॉन्ट्रैक्ट मिला। गौतम अडानी ने अपने कारोबार में डायवर्सिफिकेशन को जारी रखा और 1996 में अडानी पावर लिमिटेड अस्तित्व में आ गई।
सामाजिक कार्यों में हिस्सा
2022 में अपने जन्मदिन और पिता की 100वीं पुण्यतिथि पर अडानी ने अपनी संपत्ति में से 7.7 अरब डॉलर (करीब 60 हजार करोड़ रुपये) सामाजिक कार्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया हैं।
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