MRF: गुब्बारे बनाते-बनाने बन गई टायर कंपनी

Know the history of MRF company: मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) कंपनी की शुरुआत का किस्सा काफी रोचक है। आज यह कंपनी टायर बनाने में भारत में नंबर एक कंपनी है। यही नहीं दुनिया में इसका स्थान 14वां है। लेकिन इस कंपनी की शुरुआत में टायर नहीं गुब्बारे बनाए जाते थे। आइये जानते हैं एमआरएफ कंपनी की हिस्ट्री।

आजादी के पहले एक युवा उद्यमी केएम मामेन मपिल्लई ने तिरुवोट्टियूर, मद्रास (जिसे अब चेन्नई कहते हैं) में एक छोटे से शेड में गुब्बारा बनाने का काम शुरू किया था। आज यही गुब्बारा बनाने का कम टायर बनाने तक पहुंच गया है। इस कंपनी के बारे में चर्चा इस लिए हो रही है कि देश में किसी शेयर का रेट पहली बार 1 लाख रुपये के ऊपर गया है।

Know the history of MRF company

मपिल्लई का जन्म केरल में साल 28 नवंबर 1922 को एक सीरियाई ईसाई परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता केसी मामन मपिल्लई और कुंजनदम्मा थे। इनके आठ बेटे और एक बेटी थी। मपिल्लई परिवार में सबसे छोटे छोटे थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह नगर से प्राप्त की और प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में एडमिशन लिया। यहां से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

मपिल्लई ने 1946 में कारोबारी दुनिया में कदम रखा। उस वक्त उन्होंने तिरुवोट्टियूर, मद्रास में एक छोटे से शेड में गुब्बारे बनाने का कारोबार शुरू किया। यहां पर कोई बड़ी मशीनरी नहीं थी। यहां पर ज्यादातर बच्चों के खिलौने, इंडस्ट्रियल ग्लव्स और लैटेक्स से बनी हुई चीजों का ही निर्माण होता था। धीरे धीरे कारोबार बढ़ने लगा और 1952 में मपिल्लई ने मद्रास रबर फैक्ट्री (एमआरएफ) नाम से ट्रेड रबर बनाने वाली कंपनी की स्थापना की।

1956 के दौरान एमआरएफ का जन्म हुआ और कंपनी ने पहला ऑफिस 334, थम्बू चेट्टी स्ट्रीट, मद्रास में खोला। ट्रेड रबर कारोबर की दुनिया में प्रवेश करने के 4 वर्षों के भीतर ही कंपनी तेजी से आगे बढ़ी और एमआरएफ ने 50 प्रतिशत शेयर के साथ भारत में ट्रेड रबर के कारोबार में अपनी धाक जमा ली।

बाद में 5 नवंबर 1961 में कंपनी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में बदल गई। उस वक्त तक कंपनी मैन्सफील्ड टायर एंड रबर कंपनी के सहयोग से ऑटोमोबाइल, विमान, साइकिल के लिए टायर और ट्यूब बनाती थी।

एमआरएफ का शेयर अप्रैल 1993 में लिस्ट हुआ था। आज से तकरीबन 25 साल पहले लिस्ट इस कपंनी का शेयर अब 1 लाख रुपये का हो गया है। कंपनी ने यह शेयर 10 रुपये की फेसवैल्यू पर जारी किया था। 27 अप्रैल 1993 को कंपनी का शेयर बीएसई पर 11 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर आज 1 लाख रुपये का है। इस तरह से कहा जा सकता है कि इस कंपनी ने 11 रुपये को 25 साल में 1 लाख रुपये बना दिया है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+