नई दिल्ली, मई 11। यदि आपका बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता है तो ये खबर आपके बहुत काम की है। दरअसल सरकार ने एक वित्तीय वर्ष में पोस्ट ऑफिस और बैंक में पैसे जमा और निकालने के नियम में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने एक वित्तीय वर्ष में नकद जमा और निकासी 20 लाख रुपये से अधिक होने पर पैन या आधार नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही बैंक के साथ चालू खाता या कैश क्रेडिट खाता खोलने के मामले में भी आपको पैन या आधार नंबर बताना होगा।
जारी कर दी अधिसूचना
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इसके लिए 10 मई 2022 को एक अधिसूचना जारी की है। नए नियम 26 मई 2022 से प्रभावी होंगे। अगर आप चालू खाता या कैश क्रेडिट खाता खोलने के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो भी आपको पैन या आधार की जरूरत होगी।
क्या कहती है अधिसूचना
अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को पैन प्राप्त और पेश करना होगा यदि वे वित्तीय वर्ष में एक या एक से अधिक खातों में बैंक या पोस्ट ऑफिस में कुल 20 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि जमा करता है। किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक या अधिक खातों में वित्तीय वर्ष में कुल 20 लाख रुपये या उससे अधिक की नकद निकासी पर भी ये नियम लागू होगा। बैंक में चालू खाता या कैश क्रेडिट खाता खोलने पर भी यही नियम लागू होगा।
क्या है सरकार का प्लान
जानकार मान रहे हैं कि नए नियमों के जरिए सरकार अर्थव्यवस्था में कैश के संचलन को कम करने के लिए नकदी जमा / निकासी पर नज़र रखने की दिशा में एक कदम हो सकता है। धारा 194 एन के तहत वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) और टीडीएस के पहले से ही मौजूद होने के बावजूद सरकार के लिए किसी व्यक्ति द्वारा नकद जमा / निकासी के संबंध में सभी जानकारी एक ही स्थान पर लाना और ऐसे लेनदेन को ट्रैक करना आसान होगा चाहे टीडीएस लागू हो या नहीं।
पैन पहले से जरूरी
इससे पहले नियम 114बी के अनुसार, एक ही दिन में 50,000 रुपये से अधिक नकद जमा करने के मामले में पैन को अनिवार्य रूप से पेश करना आवश्यक था, हालांकि, नकद जमा करने के लिए कोई वार्षिक कुल सीमा निर्धारित नहीं की गई थी। साथ ही, नकद निकासी के लिए भी कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई थी, जिसे अब निर्धारित कर दिया गया है।
कब से लागू होगा नियम
ये नियम 26 मई, 2022 से लागू होंगे, और इसलिए प्रत्येक व्यक्ति जो सीमा से अधिक लेनदेन करने का इरादा रखता है, उसे पैन प्राप्त करना चाहिए, अन्यथा, ऐसा व्यक्ति इन लेनदेन को करने में सक्षम नहीं होगा। जानकारों का कहना है कि ये नियम 26 मई, 2022 से लागू होने हैं, ऐसे में सीबीडीटी को यह स्पष्ट करना पड़ सकता है कि 26 मई 2022 से पहले किए गए लेन-देन (इस वित्तीय वर्ष में 26 मई तक) को 20 लाख रु की कुल सालाना लिमिट में शामिल किया जाएगा या नहीं। कुल मिला कर बड़े लेन-देन करने वालों को पहले से तैयारी करनी होगी।
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