MP : मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार युवाओं के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। प्रदेश सरकार की इन्हीं योजना में से एक अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को शोध हेतु शोध छात्रवृत्ति योजना हैं।
इस योजना को राज्य की उच्च शिक्षा विभाग चलाती है। इस योजना के अनुसार राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के शोधार्थियों की पीएचडी के लिए रास्ते को आसान करवाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से स्कॉलरशिप दी जाएगी।

इस योजना के अनुसार शोधार्थियों को देश की किसी भी यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए हर महीने स्कॉलरशिप दी जाती है। यह स्कॉलरशिप सरकार अधिकतम 3 वर्ष के लिए देती है।
इस योजना के लाभ की बात करें तो सरकार इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के शोधार्थियों को 16,000 रु महीने यानी 1 वर्ष में 1.92 लाख रु स्कॉलरशिप देती है। हालांकि ये स्कॉलरशिप अधिकतम 3 वर्ष के लिए दी जाती है।
इस योजना में आवेदन करने के लिए शर्ते की बात करें तो आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना जरुरी है। इसके साथ ही पीएचडी के लिए यूनिवर्सिटी से पंजीयन हो चुका हो। इसके साथ ही आवेदक की परिवार की सालाना आय 3 लाख रु से ज्यादा न हो।
इसमें आवेदन करने के लिए कुछ जरुरी दस्तावेज की जरुरत होगी। इनमें आय प्रमाण पत्र मूल निवासी प्रमाण पत्र आदि शामिल है।
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कैसे करें आवेदन
इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से विज्ञापन जारी किया जाता है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया जाता है। आवेदन का चयन निर्धारित कोटे के तहत होता है। फिर उच्च शिक्षा आयुक्त की स्वीकृति पर राशि जारी की जाती है।
मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार वार्षिक एससी वर्ग के लिये 100 छात्रवृत्तियों का कोटा निर्धारित है और एसटी वर्ग के लिये 56 छात्रवृत्तियों का कोटा निर्धारित है। सरकार द्वारा सत्र की शुरुआत में विज्ञापन जारी किए जाते हैं। जिसमें आवेदन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाती है। आप योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए हाईयर एजुकेशन की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं।
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