PPF एक निश्चित रिटर्न देता है। जो वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही के लिए 7.1 फीसदी है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80सी के मुताबिक, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर हर वर्ष 1.5 लाख रु तक कर नहीं लगता है।
जब पब्लिक प्रोविडेंट फंड की बात आती है, तो फिर वार्षिक ब्याज और मैच्योरिटी पर आपको मिलने वाली कुल राशि दोनों पर टैक्स नहीं लगता है। आपको अपने पीपीएफ खाते को चालू रखने के लिए आपको 15 वर्ष की अवधि के लिए हर वर्ष मिनिमम 500 रु जमा करना होगा।

पीपीएफ अकाउंट में 15 वर्ष की लॉक-इन अवधि होती है, आपात स्थिति के लिए आप पैसे निकाल सकते हैं, जैसे बीमारी पर खर्चा आदि। इसके अतिरिक्त, आप अपने ऑफ खाते का इस्तेमाल करके सिक्योर्ड लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्यों हो जाता है पीपीएफ अकाउंट इन-एक्टिव
अगर आप अपने पीपीएफ अकाउंट में वर्ष में कम से कम 500 रु डिपॉजिट करना भूल जाते है, तो फिर आपका खाता इन-एक्टिव हो सकता है। हालांकि, अभी भी इस पर ब्याज मिलेगा। अगर आप अन्य लाभ लेना चाहते है तो फिर इसके लिए आपको अकाउंट को फिर से एक्टिव करना होगा।
इन तरह करें अकाउंट एक्टिव
इसके लिया आप अपने बैंक या फिर डाकघर शाखा जहां आपका पीपीएफ अकाउंट है वहां पर आपने एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। यह आपका हर वर्ष के 500 रु जमा करना होगा। जब आपका अकाउंट इन एक्टिव था, अब साथ ही आप चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए भी 500 रु की राशि जमा करें।
आप अपने आवेदन के साथ अपने बैंक या डाकघर शाखा में ये भुगतान करते वक्त प्रत्येक इन-एक्टिव वर्ष के लिए 50 रु का जुर्माना शामिल करें। इसके बाद आपका बैंक या फिर डाकघर शाखा आपके आवेदन और भुगतान को रिव्यू करेगी।
अगर 15 वर्ष की लॉक-इन अवधि पहले ही पूरी हो चुकी है, तो आपका जो अकाउंट है वहफिर से एक्टिव नहीं किया जा सकता है अगर आपके पास इन एक्टिव पीपीएफ अकाउंट है, तो आपको अपने नाम पर दूसरा पीपीएफ अकाउंट खोलने की अनुमति नहीं है।


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