Home Loan: घर लेने से पहले अपनाएं ये टिप्स, कम हो जाएगी होम लोन की EMI

Best Ways For Lower Home Loan EMI: अपने सपनों का घर तो सभी खरीदना चाहते हैं, लेकिन घर खरीदने के लिए हमें अक्सर होम लोन लेना पड़ता है। ऐसे में घर लेने के बाद लंबे समय तक हमें उसकी ईएमआई चुकाने की टेंशन भी लगी रहती है। आप कुछ स्मार्ट और बेहतरीन तरीके इस्तेमाल करके होम लोन की किस्तों के समय को और उन पर लगने वाले इंटरेस्ट को भी तक काम करवा सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही बेहतरीन तरीकों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जो लोन पर ईएमआई काम करने में काफी मददगार माने जाते हैं।

क्यों महंगा हो रहा है होम लोन

दरअसल महंगाई को कंट्रोल में ले आने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रेपो रेट में चेंज करता रहता है। आपको बताते चलें कि रेपो रेट बढ़ाने का सीधा असर लोन पर पड़ता है। इसकी वजह से ज्यादा एमी चुकानी पड़ती है और लोन भी महंगा हो जाता है। रेपो रेट बढ़ाने की वजह से लोन पर लगने वाला इंट्रेस्ट भी बढ़ जाता है।

loan

क्या होती हैं दिक्कतें

कई बार किस्त भरने में देर हो जाने पर लोगों का सिबिल स्कोर भी प्रभावित होता है। अगर ऐसा होता है तो बैंक जुर्माने के तौर पर पीनल इंटरेस्ट वसूलते हैं, जो ईएमआई का एक या दो प्रतिशत होता है। इतना ही नहीं अगर आपको लोन भरने में देर हो रही है तो रिकवरी एजेंट के कॉल भी लगातार आने लगते हैं। अगर आप ऐसी झंझट में नहीं पढ़ना चाहते हैं या इससे बाहर निकालने की सोच रहे हैं तो कुछ आसान तरीके इस्तेमाल करके ईएमआई के बोझ को काम किया जा सकता है।

लोन और ईएमआई में राहत के लिए आजमाएं ये तरीके

लोन ट्रांसफर करना आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। जी हां, कई बार ऐसा होता है कि हम जिस बैंक से होम लोन लेते हैं उसका रेट दूसरे बैंक के मुकाबले बहुत ज्यादा होता है। ऐसी स्थिति में आप दूसरे बैंक में अपना होम लोन ट्रांसफर करवा सकते हैं जिसके रेट कम हों। अगर आपने 0.8 फ़ीसदी कम ब्याज दर पर लोन ट्रांसफर करा लिया, तो ईएमआई के साथ आपका इंटरेस्ट रेट भी पहले के मुकाबले काम हो जाएगा। होम लोन लेने के शुरुआती वर्षों में ही लोन ट्रांसफर का सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद होती है।

हर महीने हमारे पास बहुत खर्च रहते हैं और सैलरी लिमिटेड होती है। ऐसे में कई बार होम लोन हमारी सैलरी का एक बड़े हिस्से की खपत कर लेता है जिस महीने भर पैसे चलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो होम लोन का टेन्योर बढ़कर किस्त कम करवा सकते हैं। इससे आपके सैलरी पर पड़ने वाला मासिक ईएमआई का बोझ कम हो जाएगा, लेकिन आपको लंबे समय तक ब्याज देना पड़ेगा।

अगर आपका रीपेमेंट रिकॉर्ड सही है, तो आप बैंक से बात करके अपनी ब्याज दर में एक्स्ट्रा छूट ले सकते हैं। जी हां, बैंक कई बार बेहतर रीपेमेंट ट्रैक रिकॉर्ड और हाई सिबिल स्कोर वाले उपभोक्ताओं को इंट्रेस्ट रेट में राहत देते हैं। अगर आपने बेहतर रीपेमेंट रिकॉर्ड मेंटेन किया है, तो होम लोन में भी आपको छूट मिल सकती है।

अगर आपके पास पैसे हैं, तो आप लोन के कुछ अमाउंट को एक साथ चुका सकते हैं, इससे होम लोन का टाइम कम हो जाएगा और आपको ब्याज भी काम देना पड़ेगा। ऐसा करने के लिए आपको बैंक से बात कर होती है। इस तरह से रिफाइनेंस करके होम लोन के समय को कम किया जा सकता है। शुरुआती वर्षों में प्रीपेमेंट आपके लोन के समय को काफी ज्यादा कम कर देता है। यह लोन की ईएमआई रकम को कम करने में भी काफी मददगार होता है।

जब भी आप होम लोन लें, तो ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करने की कोशिश करें। क्योंकि अगर आप एक से दो लाख रुपए ज्यादा डाउन पेमेंट करते हैंतो आपकी ईएमआई पर 2 से 3 हजार रुपए हर महीने कम हो सकते हैं। इससे आप लंबे समय तक ज्यादा ब्याज देने से भी बच जाते हैं और पैसों की बचत होती है। मान लीजिए अपने 15 साल के लिए 25 लाख रुपए का लोन लिया है, तो 6.75 फ़ीसदी की ब्याज दर के हिसाब से आपको हर महीने 22,123 की ईएमआई भरनी पड़ेगी। लेकिन अगर आपने 2 लाख का डाउन पेमेंट किया है, तो आपका लोन 23 लाख रुपए पर होगा। इससे आपकी ईएमआई घटकर करीब 20,353 रुपए के आसपास हो जाएगी। साथ ही पूरे लोन टेन्योर पर आपको 1 लाख रुपए से ज्यादा का फायदा ब्याज की रकम पर मिलेगा।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+