
10 key points of RBI's monetary review policy: आरबीआई ने आज अपनी चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया है। इसमें रेपो रेट को स्थिर रखा गया है। अभी रेपो रेट 6.50 फीसदी है। लेकिन इसके साथ ही आरबीआई ने कई बातें कहीं है। आइये जानते हैं कि इस क्रेडिट पॉलिसी की 10 बड़ी बातें कौन सही हैं।
अगर एक लाइन में समझा जाए तो रिवर्ज बैंक देश की आर्थिक तरक्की तेजी से चाहता है, लेकिन उसे महंगाई का डर लगातार सता रहा है। इसीलिए जहां उसने रेपो रेट को नहीं बदला है, लेकिन महंगाई से नजर नहीं हटाई है।
रिजर्व बैंक महंगाई को लेकर कितना सजग है, यह इस बात से समझा जा सकता है कि सबसे अंत में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि महंगाई पर अर्जुन की तरह नजर रखने की जरूरत है।
ध्यान रहे कि दुनिया के ज्यादातर देश इस वक्त महंगाई से परेशान हैं, और उनकी आर्थिक तरक्की भी रुक रही है। लेकिन आरबीआई की कुशलता के कारण भारत में महंगाई जहां काबू में चाहे न हो, लेकिन नियंत्रित जरूर है। और दूसरी तरफ देश तेजी से आर्थिक तरक्की भी कर रहा है।
जानिए आज की क्रेडिट पॉलिसी की 10 प्रमुख बातें
- वित्त वर्ष 2024 में हेडलाइन मुद्रास्फीति हालांकि नीचे आ रही है, लेकिन अभी भी 4 फीसदी से ऊपर है।
- मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी आवश्यक कार्रवाई करते रहेंगे।
- औसत लिक्विडिटी लगातार ज्यादा बनी हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण 2000 रुपये के नोट का बैंकों में वापस आना है।
- ग्रामीण मांग में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं घरेलू मांग काफी अच्छी है, जो विकास में सहायक है।
- इस वक्त कैपेक्स के लिए वातावरण काफी अच्छा बना हुआ है।
- जहां तक दिक्कतों की बात है तो मांग में कमजोरी, वैश्विक अस्थिरता, और एलनीनो का जोखिम है।
- चालू वित्तीय वर्ष में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है।
- वास्तविक नीतिगत दर सकारात्मक बनी हुई है।
- करेंट अकाउंट डेफिसेट लगातार कम हो रहा है। उम्मीद है कि चालू वित्तीय वर्ष में यह संभला रहेगा।
- जहां तक बढ़ती महंगाई की बात है तो इस पर अर्जुन की नजर बनाए रखने की जरूरत है।


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