नयी दिल्ली। भारत के किसान पैसों की तंगी के कारण अक्सर परेशान रहते हैं। बल्कि किसानों की आर्थिक हालत को लेकर यहां तक कहा जाता है कि अधिकतक किसान बिना कर्ज के खेती नहीं कर पाते। किसानों पर कर्ज के बोझ का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश के 58 फीसदी अन्नदाताओं पर लोन है। मगर लोन मिलना भी एक बड़ी परेशानी है। इस परेशानी का सबसे बढ़िया हल है किसान क्रेडिट कार्ड, जिसके जरिए ठीक-ठीक लोन कम ब्याज दर पर लिया जा सकता है। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए एक खास प्लान शुरू किया है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) को पीएम किसान योजना से जोड़ा गया है। केसीसी लेना भी काफी आसान हो गया है। इसके लिए आपको सिर्फ 3 जरूरी डॉक्यूमेंट्स चाहिए होंगे।
3 डॉक्यूमेंट्स में मिलेगा केसीसी
सबसे पहले आवेदनकर्ता का इनकम रिकॉर्ड चेक होगा ताकि ये पता चले कि आवेदन करने वाला किसान है या नहीं। इसके बाद आधार और पैन चाहिए होगा। आखिर में तीसरे नंबर पर किसी और बैंक में कोई कर्ज न हो इसके लिए एक एफिडेविट लगेगा। असल में सरकार ने केसीसी जारी करने की प्रोसेस को जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया है। अब केसीसी पर प्रोसेसिंग फीस भी नहीं लगती। पहले इसके लिए 5 हजार रु का शुल्क देना होता था।
क्या है केसीसी के नियम
खेती के अलावा मछली या पशु पालन करने वाला कोई व्यक्ति भी केसीसी के लिए आवेदन कर सकता है। केसीसी हासिल करने के लिए कम के कम आयु 18 साल और अधिकतम 75 साल आयु होनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि 60 साल से अधिक आयु वाला अकेले आवेदन नहीं कर सकता, बल्कि उसे एक सह-आवेदक की जरूरत होगी। सह-आवेदक की आयु 60 साल से कम होनी चाहिए।
कितना मिलता है लोन
केसीसी पर 5 सालों 3 लाख रुपये तक लोन मिलाता है। इसमें 1.60 लाख रु तक के लोन पर किसानों को अपनी जमीन बंधक नहीं रखनी पड़ती। जहां तक ब्याज का सवाल है तो इससे आप 4 फीसदी तक के न्यूनतम ब्याज पर पैसा हासिल कर सकते हैं। वैसे तो किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर 9 फीसदी होती है। पर इसमें किसानों को सरकार से 2 फीसदी की सब्सिडी मिलती है। यदि किसान 1 साल के अंदर ही लोन लौटा दें उन्हें 3 फीसदी की और छूट मिलती है। ऐसे में केसीसी पर ब्याज दर केवल 4 फीसदी रह जाएगी।
कहां करें आवेदन
केसीसी 5 साल तक के लिए वैलिड रहता है। इसके बाद इसे रिन्यू कराया जाता है। किसान किसी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक या नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जहां से आपको केसीसी मिले रिन्यू कराने के लिए वहां भी आवेदन किया जा सकता है।
1998 में हुआ शुरू
केसीसी की शुरुआत 1998 में बैंकों ने की थी। इसका मकसद किसानों की जरूरतों को पूरा करना था। इसकी मॉडल योजना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा आरवी गुप्ता समिति की सिफारिशों पर तैयार की गई थी ताकि कृषि जरूरतों के लिए लोन प्रदान किया जा सके।


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