किसान क्रेडिट कार्ड : 2.5 करोड़ किसानों को मिलेगा 2 लाख करोड़ रु का लोन

नयी दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को उन किसानों की चिंताओं को दूर किया जो देश में कोरोनोवायरस संकट के बीच मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज पर अपनी दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किये। उन्होंने बताया कि 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 2 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सुविधा का बेनेफिट कृषि क्षेत्र में लगे किसानों के अलावा पशु पालकों और मछुआरे भी ले सकेंगे। उन्हें यह राहत पशु किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए दी जाएगी। वित्त मंत्री के इस कदम से किसान रियायती ब्याज दर पर संस्थागत लोन हासिल कर सकेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पीएम-किसान लाभार्थियों को रियायती दर लोन प्रदान करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

22 साल पुरानी है किसान क्रेडिट कार्ड योजना

22 साल पुरानी है किसान क्रेडिट कार्ड योजना

किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 1998 में की गयी थी। इस योजना के तहत किसानों को 6 महीनों तक के लिए 4 फीसदी और वार्षिक 7 फीसदी की दर पर ब्याज मिलता है। एक साल के अंदर ही लोन चुकाने पर ब्याज दर पर 3 फीसदी की छूट मिलती है। इस किसान क्रेडिट कार्ड से किसान अपनी फसल का बीमा भी करवा सकते हैं। किसी कारण से फसल नष्ट होने पर किसानों को मुआवजा भी मिलता है, जिनमें बाढ़ और सूखा शामिल है। इस योजना में 5 साल के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है।

क्रेडिट क्रेडिट कार्ड योजना के फायदे

क्रेडिट क्रेडिट कार्ड योजना के फायदे

किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को खेती से जुड़ी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए राशि मिलती है। इन पैसों को किसान बाद में अपनी फसल बेचकर चुका सकते हैं। इससे बड़ा फायदा विशेष रूप से उन गरीब किसानों को होता है जिनके पास खेती की जमीन कम होता। खास बात ये है कि योजना के तहत 1.60 लाख रुपए तक का लोन लेने के लिए किसानों को अपनी जमीन बंधक नहीं रखनी होती। यानी उन्हें बगैर सिक्योरिटी के लोन मिलता है।

किसानों की दी गई राहतें

किसानों की दी गई राहतें

वित्त मंत्री ने पिछले 2 महीनों में किसानों को क्या राहतें दी गई हैं इसकी भी डिटेल दी। उन्होंने बताया कि 3 करोड़ किसानों ने 4.22 लाख करोड़ रुपये के लोन पर 3 महीने की ईएमआई पर दी गई राहत का फायदा उठाया। फसल लोन पर ब्याज सबवेंशन (IS) और शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (PRI) को 31 मई तक के लिए बढ़ाया गया। इसके अलावा 25000 करोड़ रुपये की कुल लोन लिमिट के साथ 25 लाख नए 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। कोरोना के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, जिसकी कुल राशि 86,600 करोड़ रुपये है। रूरल इन्फास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत राज्यों को 4200 करोड़ रुपये की मदद दी गई।

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