नई दिल्ली, सितंबर 08। कई बार खराब फसल उत्पादन, मौसम का साथ न मिलना या फिर बेमौसम बारिश के कारण किसानों को अत्यधिक ब्याज दरों पर ऋणदाताओं से लोन लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ब्याज दर ज्यादा होने के कारण किसान कर्ज में डूब जाते हैं। तमाम इस तरह के कारणों को देखते हुए सरकार ने किसानों की मदद करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा की शुरूआत की है। केसीसी के तहत लोन प्राप्त करने के लिए किसानों को ग्रामिण इलाके में भूमि के स्वामित्व को साबित करने वाले दस्तावेज़ों के साथ बैंक शाखा में जाना होगा।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पात्रता
- किसान - व्यक्तिगत/संयुक्त जो गांव में जमीन का मालिक है
- काश्तकार किसान, मौखिक पट्टेदार और बटाईदार को भी मिलता है केसीसी
- किसानों के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) या संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) को भी पात्रता
क्या है विशेषताएं
केसीसी खाते में जमा पैसे पर ब्याज मिलेगा
ऋण की मात्रा- फसल पैटर्न, रकबा और वित्त के पैमाने (एसओएफ) को देखते हुए उधार की राशि तय होगी।
चुकौती के लिए नियम फसल की अवधि (लघु / लंबी) और फसल के बुआई-कटाई के अनुसार चुकौती अवधि तया कि जाती है।
कार्यकाल- 5 वर्ष, वार्षिक समीक्षा के अधीन, हर साल 10% वार्षिक वृद्धि की सीमा के साथ।
सभी पात्र केसीसी उधारकर्ताओं के लिए रुपे डेबिट कार्ड।
बीमा- प्रीमियम भुगतान पर पात्र फसलों को प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत कवर किया जाएगा।
- उधारकर्ता को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा (जहां भी लागू हो) का विकल्प चुनना होगा।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लाभ
· बैंक से नकद निकासी के लिए पासबुक जारी की जाएगी।
25,000 रुपये की क्रेडिट सीमा के साथ चेक बुक जारी किया जाएगा।
· किसान ऋण राशि के साथ बीज, उर्वरक, कृषि उपकरण खरीद सकता है।
कम बैंक ब्याज दरें, औसतन लगभग 9%।
· 3 लाख रुपये की अधिकतम क्रेडिट सीमा।
· अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले किसानों के लिए उच्च ऋण सीमा।
· अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले किसानों को ब्याज दरों पर सब्सिडी।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें
इच्छुक व्यक्तियों को बैंक जाकर सभी विवरणों के साथ आवश्यक आवेदन भरना होगा। लोन अप्रुवल से पहले किसान के जमीन और क्रेडिट स्कोर की जांच कि जाएगी।


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