नयी दिल्ली। खेती करने वाले किसानों की अकसर परेशानियां भरी खबरें ही सामने आती हैं। खेती या बागवानी करने वालों की अपनी ही चुनौतियां होती हैं। फिर चाहे वे फसल से जुड़ी हों या आर्थिक स्थिति से। मगर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक किसान ने मिसाल कायम कर दी है। दरअसल ये किसान किन्नू की बागवानी हर साल 10 लाख रु तक की कमाई कर रहा है। आइए जानते हैं कि इस किसान की पूरी कहानी।
राजस्थान का है ये किसान
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के कस्बा सिंघाना से कुछ किलोमीटर पर घरड़ाना कलां गांव के रहने वाले चौधरी सुमेर राव ही किन्नू की बागवानी से हर साल 10 लाख रु की कमाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनके किन्नू कि मंग अमेरिका तक से आ रही है। वन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उनके इस अनूठे सफर की कहानी 2014 में शुरू हुई, जब वे अपने एक शिक्षित दोस्त की सहायता से 30 रु प्रति की दर से 100 पौधे लाए। उन्होंने इन पौधों को अपनी 2 बीघा जमीन में लगा दिया। इस समय उनके वैसे उनके बगीचे में किन्नू के 200 पौधों के अलावा 150 मौसमी के भी पौधे हैं।
चुनौतियों को पार करके हासिल किया मुकाम
सुमेर राव के सामने किन्नू की बागवानी शुरू करने पर ही एक बड़ी दिक्कत आई। उनके पौधे मुरझाने और बर्बाद होने लगे। मगर उन्होंने इसका हल ढूंढ निकाला। राव ने नीम पत्ता और गोबर मिला कर जैविद खाद बनाई। साथ ही स्प्रे भी तैयार किया। इस खाद से पौधों में नया जीवन आ गया। फिर उन्होंने खाद-कीटनाशक दवा नहीं खरीदी, बल्कि अपने से ही तैयार खाद और स्प्रे का इस्तेमाल करने लगे। अब राव जिले के दूसरे किसानों को भी किन्नू का बगीचा लगाने में मदद करते हैं। साथ ही अपने तैयार पौधे, खाद और स्प्रे भी देते। पौधों की देखभाल के लिए वे पैसे लेते हैं और किन्नू की बागवानी सिखाने के अलावा वे इसकी मार्केटिंग में लगे हुए हैं। अपने किन्नू की बागवानी के अलावा वे इन सब चीजों के लिए चार्ज लेते हैं।
दबा कर हो रही कमाई
राव ने 100 पौधों और 2 बीघा जमीन से शुरुआत की थी। मगर उनका ये कारोबार 10 बीघा तक पहुंच गया है। वे किन्नू की भारी पैदावार कर रहे हैं। वे किन्नू को रिटेल और होलसेल दोनों तरह से बेचते हैं। स्थिति ये है कि दिल्ली और जयपुर के साथ ही अमेरिका से उनके किन्नू के लिए डिमांड आई है। जहां तक कमाई का सवाल है तो राव किन्नू बेच कर हर साल 7 लाख रुपए तक कमा रहे हैं। बाकी पौधे, खाद, नवाचार और ट्रेनिंग से वे 3 लाख रु सालाना से अधिक कमा रहे हैं। यानी हर साल उनकी इनकम 10 लाख रुपए से है।
संतरे जैसे होता है किन्नू
किन्नू दिखने में बिल्कुल संतरे जैसा ही होता है। इन दोनों फलों के न्यूट्रिशनल बेनिफिट्स भी समान हैं। खास बात ये है कि दोनों फल सर्दियों में ही आपको बाजारों में देखने को मिलेंगे। वे किन्नू संतरे के मुकाबले अधिक रसीला होता है। जहां तक उपज का सवाल है तो किन्नू की पैदावार अधिकतर पंजाब (भारत और पाकिस्तान दोनों), हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में होती है।


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