धान खरीफ सीजन की प्रमुख फसल है, धान की खेती भारत में ज़्यादतर हिस्सों में होती है। देश के अंदर इसका रकबा लगभग 400 लाख हेक्टेयर होता है, ये फसल बाकी फसल के मुताबिक काफी बड़े स्तर पर की जाती है।
साल 2024-2025 खरीफ सीजन धान की बुवाई का एरिया 19.35 प्रतिशत से बढ़कर 59.99 लाख हो गया है, आपको बता दें पिछले साल समय धान की खेती रकबा 50.26 लाख हेक्टेयर था। धान की फसल मानसून के आने के साथ ही शुरू हो जाती है वहीं इसकी कटाई सितंबर से शुरू होती है।

धान की खेती ऐसी खेती मानी जाती है जिसमें किसानों को काफी अच्छी कमाई की उम्मीद रहती है लेकिन कई बार धान की खेती में कीड़े लगने की चिंता बनी रहती है, धान का सबसे बड़ा दुश्मन भी खरपतवार को कहा जाता है, धान की खेती में सबसे ज्यादा नुकसान खरपतवार की वजह से होता है जिसे रोकने के लिए कई सारी दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है जब धान की बुवाई करी जाती है उस समय कई प्रकार की दवाई डाली जाती है ताकि खरपतवार होने से रोका जा सके।
खरपतवार फसल को नष्ट करने में बहुत ज्यादा बढ़ता जिसे आप अगर सही समय पर रोक लेंगे तो आपकी धान की फसल बिल्कुल सही तैयार हो जाएगी समय रहते हुए अगर उसके रोक के लिए कोई कार्य नहीं किया तो फसल को काफी नुकसान हो सकता है। वहीं खरपतवार जब हमारी फसल के पौधे तैयार होते हैं तब उसे पानी के लिए कॉम्पटिट करते हैं। शुरु के समय में धान में फसल के पौधों की ग्रोथ रेट खरपतवार के पौधों से कम रहने के कारण ये कॉम्पटिटर में धान फसल के पौधों से आगे होकर उपज दर में कमी लाते हैं।
जब आप धान की खेती करते हैं तो उस समय खेती की जमीन पर एक बार नजर डाल लें की उस जगह पर पहले से खरपतवार पहले से तैयार तो नहीं है आप जान लीजिए धान के कुछ मुख्य खरपतवार भोसी, जंगली धान, खिरवां हैं, बुवाई करते समय इनको रोकना बहुत जरूरी है नहीं तो ये फसल खराब करने में ज्यादा समय नहीं लगाते हैं।
जंगली धान को कैसे रोकें
आपको बता दें इसकी पहचान करने के लिए आपको देखना होगा कि आपके खेत में धान के बीज फसल तैयार होने से पहले गिर गए हैं तो इसका मतबल है कि आपके खेत में जंगली धान उत्पन्न हो रहा है इसे जड़िया धान के नाम से भी जाना जाता है इस खरपतवार को तुरंत रोकने के लिए खेत में सिंचाई की मात्रा को बढ़ा दें ताकि खेत में गिरा हुए धान दोबारा तैयार हो सके। जब ये उगने लगे उसके बाद ग्लाइफोसेट व पैराकोट के आधे फीसदी घोल का छिड़काव कर सकते हैं इस छिड़काव के 10-15 दिनों के बाद धान की रोपाई की जाए।


Click it and Unblock the Notifications