Tips for buying a new home: अगर आप नया घर लेने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसी ही जरूरी बातें बताने जा रहे हैं, जिन्हें घर खरीदने से पहले आपको ध्यान में रखना चाहिए ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए। लोगों को लुभाने के लिए आजकल कई सारे ऑफर आ रहे हैं, जिनमें कम इंटरेस्ट रेट पर या सस्ती दरों पर फ्लैट देने की बात कही जा रही है।
हमारे देश में घर खरीदना एक बड़ी कामयाबी माना जाता है। इसे सिर्फ आर्थिक उपलब्धि ही नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से भी जोड़कर देखा जाता है। खासकर त्योहारों के समय पर लोग नई शुरुआत करने के लिए भी घर खरीदते हैं। बैंक भी अक्सर कई सारे होम लोन के ऑफर्स देते हैं, और विशेष मौकों पर इन ऑफर्स पर विशेष छूट भी दी जाती है। लेकिन घर खरीदने से पहले आपको इन सस्ते लोन ऑफर और चकाचौंध में नहीं पड़ना चाहिए।

सबसे पहले तो आपको ईएमआई के जरिए हाउस लोन भरने के लायक बनना चाहिए, और यह तो सिर्फ एक शुरुआत होती है। मिसाल के तौर पर लेते हैं कि किसी बैंक ने फेस्टिव सीजन के दौरान स्पेशल ऑफर निकला है। इस ऑफर के अंतर्गत बैंक नॉन बैंक कस्टमर्स और सैलरी पाने वाले लोगों के साथ बिजनेस करने वालों को भी 8.35 परसेंट के इंटरेस्ट रेट से होम लोन दे रहा है। इस दौरान बैंक ने अपनी प्रोसेसिंग फीस को भी 50% तक काम कर दिया है।
घर खरीदने से पहले आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि डाउन पेमेंट करने के लिए आपके पास 10 से लेकर 30% तक प्रॉपर्टी की वैल्यू का पैसा होना चाहिए। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की गाइडलाइन के मुताबिक लोन टू वैल्यू रेश्यो 30 लाख रुपये से कम की संपत्तियों के लिए एलटीवी अनुपात 90 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए, 30-75 लाख रुपये के लिए, यह 80 प्रतिशत है और 75 लाख रुपये से ऊपर, यह 75 प्रतिशत है। इसका मतलब है की बची हुई धनराशि को आप डाउन पेमेंट के जरिए देना पड़ता है।
डाउन पेमेंट एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक लागत है। यह सुनिश्चित करने के लिए होति है कि आप आगे आने वाले खर्च को बिना अपने बजट पर ज्यादा जोर डाले कवर कर सकते हैं और अपनी किस्तें आसानी से भर सकते हैं।
घर खरीदने से पहले बिल्डर का बैकग्राउंड चेक करना भी काफी ज्यादा जरूरी और अहम होता है। बिल्डर का ट्रैक रिकार्ड देखकर आप अपने भविष्य के घर की क्वालिटी जान सकते हैं और उसे पर भरोसा कर सकते हैं। अच्छे बिल्डर सिर्फ बढ़िया क्वालिटी के घर ही नहीं मुहैया कराते बल्कि घर खरीदने की पूरी प्रक्रिया को काफी ज्यादा सुविधाजनक और आसान बना देते हैं। हमें अक्सर कम कीमतों के लालच में नहीं आना चाहिए। क्योंकि कई बार ऐसे बिल्डर या तो प्रोजेक्ट को ठीक तरह से पूरा नहीं करते हैं या फिर घर की क्वालिटी, लोकेशन और दूसरी दिक्कतें शामिल होती हैं।
आप किसी भी राज्य की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी की वेबसाइट (आरईआरए) पर जाकर किसी भी घर की प्रोजेक्ट डीटेल्स के बारे में जान सकते हैं। इसके लिए आप पहले प्रोजेक्ट प्लान चेक कर सकते हैं, उसके बाद आर्किटेक्ट और ठेकेदार की डिटेल निकाल सकते हैं। डिटेल निकालने के बाद आप उनके पिछले कामों को देख सकते हैं, जिससे आपको काफी हद तक इनके बारे में पता चल जाता है।
घर खरीदते वक्त आपको पजेशन डेट का खास ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि कई बार आरईआरए और बिल्डर की पजेशन डेट अलग-अलग हो सकती है। जैसे बिल्डर अगर आपको 1 जनवरी 2027 की पजेशन डेट दे रहा है, तो हो सकता है कि आरईआरए पर उसकी पजेशन डेट 1 जनवरी 2029 है।
आपको हमेशा घर खरीदने से पहले अपने बजट का ध्यान रखना चाहिए। घर खरीदने के बाद उसकी ईएमआई का असर आपके मंथली बजट पर नहीं पड़ना चाहिए। आपके घर खरीदने से पहले इतना मजबूत हो जाना चाहिए कि आप बिना फ्यूचर इनकम ग्रोथ की चिंता किए आसानी से हर महीने की किस्त भर सकें।
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