Kaun Hai Lalit Khaitan: भारत के अरबपतियों की लिस्ट में एक और नया नाम शामिल हुआ है, यह नाम है ललित खैतान। जी हां, 80 वर्ष के ललित खेतान भारत के नए अरबपती की लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। इनका नाम फोर्ब्स की सूची में भारत के सबसे नए अरबपति के तौर पर आया है। अरबपति बनने के बाद से इनके बारे में लोगों को जानने की इच्छा जगी है। हम आपको इस आर्टिकल में ललित खैतान के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। इस दौरान हम इनकी नेटवर्थ पर तो बात करेंगे ही, साथ ही उनके बिजनेस पर भी बात करेंगे और यह भी जानेंगे कि इन्होंने अपने बिजनेस की शुरुआत कब की थी और अरबपति बनने में इन्हें कितना समय लगा।
क्या है बिजनेस
भारत के सबसे नए अरबपति ललित खैतान है, जिनकी उम्र 80 वर्ष के आसपास है। यह 380 मिलियन डॉलर के रेवेन्यू वाली कंपनी रेडीको खेतान के अध्यक्ष भी हैं। जब आप इनके प्रोडक्ट के बारे में सुनेंगे तो शायद आपको इनके बारे में जानकारी लगे। गौरतलब है कि खेतान 8 पीएम व्हिस्की, मैजिक मोमेंट्स वोडका, ओल्ड एडमिरल ब्रांडी और रामपुर सिंगल माल्ट जैसी अल्कोहलिक ड्रिंक बनाने के लिए जाने जाते हैं।

आपको बताते चलें कि इस साल बढ़ती बिक्री और नए ड्रिंक हैप्पीनेस इन अ बॉटल के लॉन्च के बाद इस अल्कोहल कंपनी रेडिको के शेयरों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली और इसी कारण इसमें 40 प्रतिशत की हिस्सेदार ऱखने वाले खैतान की रेवेन्यू में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल रेडीको खैतान के शेयर में 60 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली थी। इसी के साथ कंपनी 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुमानित नेट वर्थ के साथ ललित खैतान को भारत के अरबपतियों की लिस्ट में शामिल कर दिया है।
कैसे हुई कंपनी की शुरुआत
आज अरबपतियों की लिस्ट में शामिल ललित खैतान को यह कंपनी अपने पिता से विरासत में मिली थी। जानकारी के मुताबिक 1970 के दशक में ललित खैतान के पिता, जीएन खैतान ने रामपुर डिस्टलरी एंड केमिकल कंपनी खरीदी थी। साल 1995 में पिता की मृत्यु के बाद ललित खैतान को यह डिस्टलरी विरासत के रूप में मिली। खैतान के अनुसार जब तक उनके पिता ने डिस्टलरी नहीं खरीदी थी तब तक उन्होंने कभी शराब नहीं पी।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक 8 पीएम जैसी अफॉर्डेबल और सस्ती व्हिस्की बनाने वाली कंपनी को अपने प्रीमियम ब्रांड की सीरीज में विस्तार की लंबे समय वाली रणनीति का फायदा कंपनी को मिल रहा है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि एक रिपोर्ट में पता चला है कि भारतीय ज्यादा महंगी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं। यही कारण है कि भारत में प्रीमियम व्हिस्की की टोटल सेल वन थर्ड हो चुकी है। साल 2018 तक भारत में बिकने वाली कल शराब में से मात्र 26 प्रतिशत विश्व की प्रीमियम ब्रांड की होती थी।
रेडीको खेतान भारत में विदेशी शराब बनाने वाले टॉप प्लेयर्स में शामिल हो चुका है। इसे आईएमएफएल के नाम से जाना जाता है। आ रही जानकारी के अनुसार इस कंपनी को अपना 80 प्रतिशत रेवेन्यू प्रीमियम मल्टी सेगमेंट से मिल रहा है। कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ाने में इसका बहुत बड़ा योगदान है।


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