Karnataka Hikes Bus Fares: नए साल की शुरुआत में ही लोगों को सरकार ने झटका दे दिया है। सरकार ने 5 जनवरी से 15 फीसदी किराया बढ़ाने का ऐलान किया है। कर्नाटक सरकार के फैसले से राज्य सरकार के आधीन आने वाले बस सेवाएं महंगी हो जाएंगी। आइए इसके बारे में आपको जानकारी देते हैं।

5 जनवरी से लागू होगा नया किराया
आपको बता दें कि कर्नाटक के कानून एंव संसदीय कार्य मंत्री एक के पाटिल ने कैबिनेट की मीटिंग के बाद इसका ऐलान किया। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी), उत्तर पश्चिमी सड़क परिवहन निगम (एनडब्ल्यूकेआरटीसी) और कल्याण कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (केकेआरटीसी) में 2020 के बाद से यह पहली किराया वृद्धि है।
बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोट कारपोरेशन का किराया 2014 के बाद बढ़ेगा। कर्नाटक सरकार ने अपने फैसले में कहा है यह निर्णय और बढ़ोतरी सभी ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन पर लागू ही। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम में केएसआरटीसी और बीएमटीसी की बड़ी भागीदारी है। नए किराए 5 जनवरी से लागू होंगे।
पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, "मंत्रिमंडल ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी), उत्तर पश्चिम कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनडब्ल्यूकेआरटीसी), कल्याण कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (केकेआरटीसी) और बैंगलोर महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) के चार राज्य परिवहन निगमों के बस किराए में 15% की वृद्धि करने का फैसला किया है।"
इतना अधिक हुई किराया वृद्धि
सीएनबीसी रिपोर्ट के अनुसार, पाटिल ने बताया कि बीएमटीसी के लिए अंतिम किराया संशोधन 10 जनवरी, 2015 को हुआ था, जब डीजल की कीमत 60.90 रुपये प्रति लीटर थी। उस समय, सभी चार निगमों में दैनिक डीजल का खर्च 9.16 करोड़ रुपये था , लेकिन अब यह बढ़कर 13.21 करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह, दैनिक स्टाफ की लागत 12.95 करोड़ रुपये से बढ़कर 18.36 करोड़ रुपये हो गई है, जिससे किराया वृद्धि जरूरी हो गई है।
किराया वृद्धि के बावजूद, राज्य भर में गैर-लक्जरी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा प्रदान करने वाली 'शक्ति' योजना में कोई भी बदलाव नहीं होगा। मंत्री ने किराया वृद्धि के संबंध में कैबिनेट की चर्चाओं पर आगे विस्तार से बताया, अंत में, कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों में किराए को ध्यान में रखते हुए 15% की वृद्धि का ऑप्शन चुना है।


Click it and Unblock the Notifications