Karnataka Flood Alert News: एक तरफ देश के कुछ हिस्सों में लोगों को उमसभरी गर्मी का अभी भी सामना करना पड़ रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ कर्नाटक में बाढ़ का प्रकोप लोगों को झेलना पड़ रहा है। आइए आपको बताते हैं कि मौसम विभाग ने इससे जुड़ी हुई क्या जानकारी दी है।

कर्नाटक के इन जगहों पर जारी हुआ बाढ़ का अलर्ट
कावेरी नदी पर बने कृष्णराज सागर (KRS) बांध से पानी का बहाव 50,000 क्यूसेक तक बढ़ा दिया गया है, जबकि 21 जुलाई को जलाशय में पानी का बहाव 70,000 क्यूसेक के आसपास था।
राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद कृष्णराज सागर बांध में लगातार दूसरे दिन 60,000 क्यूसेक से अधिक पानी आया है। रविवार सुबह बांध में 69,617 क्यूसेक पानी आया, जबकि काबिनी बांध में 39,396 क्यूसेक पानी आया। कृष्णराज सागर बांध में पानी का स्तर 122.7 फीट था, जबकि जलाशय का पूरा जल स्तर 124.8 फीट है।
जलस्तर बढ़ने के कारण रंगनाथिटु पक्षी अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थल बंद कर दिया गया है। कावेरी नीरावरी निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने भी बाढ़ की चेतावनी जारी की है, क्योंकि दोनों बांधों से कुल जलस्तर 80,000 क्यूसेक से अधिक हो गया है।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
कृष्णा नदी बेसिन में अलमट्टी, तुंगभद्रा और नारायणपुरा जैसे बांधों में भी भारी जलप्रवाह जारी है, जिससे कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। सिर्फ यही नहीं, महाराष्ट्र में कृष्णा नदी के जलग्रहण क्षेत्रों के लिए भारतीय मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे जलप्रवाह में वृद्धि की संभावना का संकेत मिलता है विशेष रूप से अलमट्टी बांध में।
15 से 21 जुलाई तक हुई है जमकर बारिश
15 से 21 जुलाई के बीच हुई बहुत भारी बारिश का दौर, जिसके दौरान कर्नाटक के तटीय और मलनाड जिलों के लिए कई रेड अलर्ट जारी किए गए थे, आने वाले सप्ताह में कम होने की उम्मीद है।
इन जिलों पर भारी बारिश के कारण जारी हुआ येलो अलर्ट
आईएमडी के अनुसार, इन जिलों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी रहेगा। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी प्रकोष्ठ (Karnataka State Natural Disaster Monitoring Cell) के अनुसार, 13 से 20 जुलाई के बीच औसत वर्षा सामान्य से लगभग दोगुनी हुई है।
इस मानसून सीजन में इतनी अधिक हुई है बारिश
कुल मिलाकर, इस मौजूदा मानसून सीजन के दौरान, 1 जून से 20 जुलाई तक, राज्य में 373 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 464 मिमी बारिश हुई - 24 प्रतिशत अधिक हुई है। तटीय जिलों में 743 मिमी के औसत के मुकाबले 1,230 मिमी बारिश हुई है। जो कि 65 प्रतिशत अधिक है। जबकि मलनाड जिलों में 389 मिमी के औसत के मुकाबले 590 मिमी बारिश हुई है। यानी 52 प्रतिशत अधिक है।
वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक जिलों में 48 मिमी के सामान्य के मुकाबले 69 मिमी बारिश हुई है। यानी ये 43 प्रतिशत अधिक है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 71 मिमी के सामान्य के मुकाबले 85 मिमी बारिश हुई है जोकि 20 प्रतिशत अधिक है। बेंगलुरू शहरी जिले में 61 मिमी बारिश हुई जबकि 54 प्रतिशत बारिश होती है, जो 13 प्रतिशत अधिक है।


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