Karnataka Excise Policy: कर्नाटक सरकार ने शराब पर लगने वाले आबकारी लाइसेंस के नवीनीकरण शुल्क को दोगुना करने के अपने फैसले को पलट दिया है. सरकार ने 1 जुलाई से 50% के इजाफे का ऐलान किया है. ANI के मुताबिक यह लेटेस्ट ऑर्डर आदेश शराब विक्रेताओं और क्राफ्ट अल्कोहल प्रोड्युसर्स की ओर से 15 मई को घोषित 100% की बढ़त का विरोध करने के बाद आया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले प्रस्तावित 100% की बढ़त से राज्य के राजस्व में हर साल 600-700 करोड़ रुपए की बढ़त होने की उम्मीद थी. राज्य सरकार ने आबकारी लाइसेंस की वैधता अवधि को एक साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया है, जो इंडस्ट्री की एक प्रमुख मांग थी.
एक्साइज ड्यूटी में बदलाव
कर्नाटक शराब विक्रेता संघ सहित कई प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से इस इजाफे पर पुनर्विचार करने और 20 से 25 फीसदी की मामूली बढ़त का अनुरोध किया था. उनकी मांग के बाद सरकार ने 50 फीसदी की बढ़ोतरी की ऐलान किया है.
नए ड्यूटी किसी स्पेशल इलाकों में जनसंख्या के साइज के आधार पर भिन्न होता है. 20 लाख से अधिक निवासियों वाले मेट्रो शहरों को सालाना 9 लाख रुपए का पेमेंट करना होगा, जबकि अन्य महानगरों से 7.5 लाख रुपए लिए जाएंगे.

नगर निगमों से 6.75 लाख रुपए लिए जाएंगे, जबकि कस्बों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को 6 लाख रुपए का बिल भेजा जाएगा. अन्य इलाकों के लिए शुल्क संरचना स्थानीय जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार स्थापित की जाएगी.
सरकार ने अन्य सभी प्रकार के आबकारी लाइसेंसों के लिए भी शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे सालाना अतिरिक्त ₹300 करोड़ उत्पन्न होने की उम्मीद है.
- राज्य सरकार ने कई कैटेगरी के लिए नए सालाना लाइसेंस फीस का ऐलान...
- डिस्टिलरी और ब्रुअरी: ₹1,50,000 प्रति वर्ष
- क्राफ्ट ब्रुअरी: ₹25,000 प्रति वर्ष
- फोर्टिफाइड वाइन प्रोडक्शन: ₹25,000 प्रति वर्ष
- डिस्टिलरी और वेयरहाउस: ₹67 लाख प्रति वर्ष
- अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर बार चार्टर: ₹18.75 लाख प्रति वर्ष
1 जुलाई से संशोधित आबकारी दरों के साथ पूरे कर्नाटक में 13,000 से अधिक लाइसेंस धारकों को संशोधित दरों पर अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा.


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