Karkhana Startup Funding: आपको बताते चलें कि एक स्टार्टअप जिसका नाम कारखाना है, उसने अभी 52 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाई है। कंपनी द्वारा दी जा रही जानकारी के मुताबिक उसने अरकम वेंचर्स और सुस्कहन्ना एशिया वेंचर कैपिटल के नेतृत्व में 6.3 मिलियन डॉलर यानी करीब 52 करोड़ रुपए की फंडिंग उठाई है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस फंडिंग राउंड में मौजूदा निवेशक में वेरटेक्स वेंचर्स साउथईस्ट एसिया और इंडिया ने शामिल रहे थे।
कंपनी द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक इस फंडिंग राउंड से जमा किए गए पैसों का इस्तेमाल सप्लायर बेस को बढ़ाने के लिए किया जाना है। इसके अलावा इस पैसे को यूएस-यूरोप में इलेक्ट्रॉनेिक्स सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के साथ बिजनेस को फैलाने में किया जाना है। आपको बतातें चलें कि सोनम मोटवानी इस कंपनी की फाउंडर और सीईओ हैं।

गौरतलब है कि यह स्टार्टअप छोटे बिजनेस के लिए बेहतर मदद मुहैया करावाता है। यह फ्लेक्सिबल और स्केल करने लायक मैन्यूफैक्चरिंग सॉल्यूशन छोटी कंपनीयों को देता है। कारखान की तरफ से ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स यानी ओईएम और टेक कंपनियों को सोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा भी दी जाती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये सारी सुविधाएं ये स्टार्टअप की मैन्युफैक्चरिंग एमएसएमई नेटवर्क के जरिए करता है।
इन फील्ड्स में है तगड़ी पकड़
कारखाना स्टार्टअप कंपनी दूसरी कंपनियों कि मदद कर रही है, यही कारण है कि इसका विस्तार तेजी से हो रहा है। यह स्टार्टअप मेडिकल इक्विपमेंट बनाने के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसके साथ ही ये इवेक्ट्रिक व्हीकल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरो स्पेस जैसी तमाम कैटेगरी में काम कर रहा है।
400 एमएसएमई से ज्यादा हैं सप्लायर
कारखाना द्वारा इसके पास 400 एमएसएमई से ज्यादा के सप्लायर नेटवर्क होने का दावा भी किया गया है। आपको बताते चलें कि अगले 3 सालों में यह कंपनी 3000 एमएसएमई सप्लायर्स तक पहुंचने का टार्गेट लेकर चल रही है।
आजकल कई स्टार्टअप अच्छी खासी फंडिंग जुटा रहे हैं। इसकी सीधी सी वजह उनकी बेहतर परफॉर्मेंस होती है। कारखाना स्टार्टअप मैन्यूफैक्चरिंग सॉल्यूशन प्रोवाइड करने के लिए जाना जाता है। गौरतलब है कि अभी इसका बिजनेस 400 एमएसएमई तक सीमित है, जिसे कंपनी अगले 3 साल में 3000 एमएसएमई तक पहुंचाने का लक्ष्य रख रही है। इसका मतलब साफ है कि इस स्टर्टअप को मार्केट से बेहतर रिसपॉन्स मिल रहा् है और यही कारण भी है कि इनेवस्टर्स इसमें पैसे लगाने के लिए तैयार हैं। कंपनी द्वारा इस जुटाई हुई धनराशि को वह बिजनेस विस्तार के साथ टीम बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है।
हालांकि कंपनी द्वारा इस फंडिग के इस्तेमाल के बारे कुछ खास जानकारी मिल रही है। यह फंडिंग इस लिए जुटाई जा रही है, क्योंकि यह कंपनी बेहतर परफॉर्मेंस दे रही है और उसे बिजेनस विस्तार करने के लिए और पैसों की जरूरत है।मुख्य रूप से इन जमा किए गए पैसों को कंपनी यूनाइटेड स्टेस्ट और यूरोप में अपने व्यापा विस्तार के लिए करेगी। बता दें कि यह कंपनी अब विदेशों में भी अपने पैर पसार रही है। यही कारण है कि कंपनी द्वारा बिजनेस को एक्सपैंड करने के लिए फंड इकट्ठा करना पड़ रहा है।
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