सस्ते में मिलेगा प्याज! फेस्टिव सीजन में मोदी सरकार ने बनाया ये खास प्लान, चलेगी 'कांदा एक्सप्रेस'

त्यौहारी सीजन में प्याज की कीमतों ने आंसू निकाल दिए हैं. बढ़ी हुई कीमतों से इस बार खरीदारों का खर्चा बढ़ गया है. कीमतों को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार एक्शन में है. मोदी सरकार ने फेस्टिव सीजन के दौरान प्याज की कीमतों को स्थिर रखने के लिए खास प्लान बनाया है. भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने लगभग 840 मीट्रिक टन प्याज दिल्ली भेजा है. यह पहल एक ब्रॉडर स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. इसके तहत पहले भारतीय रेलवे के स्पेशल कांदा एक्सप्रेस के जरिए 1,600 मीट्रिक टन प्याज दिल्ली-एनसीआर भेजा गया था.

35 रुपए किलो मिलेगा प्याज!

कांदा एक्सप्रेस के जरिए सरकार का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता को बढ़ाना है. खासकर इस खेप का अधिकांश हिस्सा आजादपुर मंडी में बिक्री के लिए भेजा जा रहा है. इसके अलावा इन प्याज का एक हिस्सा रिटेल डिस्ट्रिब्युशन के लिए रिजर्व है, जिसकी कीमत 35 रुपए प्रति किलोग्राम है. कांदा एक्सप्रेस ने इस स्ट्रैटेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें NAFED ने पहले 26 अक्टूबर को चेन्नई को 840 मीट्रिक टन प्याज भेजा था.

कीमतें स्थिर रखने के लिए एक्शन में सरकार

नाफेड ने बुधवार सुबह नासिक से गुवाहाटी के लिए 840 मीट्रिक टन की एक और खेप भेजी गई. यह प्रयास मूल्य स्थिरीकरण बफर बनाने के लिए इस साल रबी प्याज के 4.7 लाख टन की सरकारी खरीद का हिस्सा हैं. 5 सितंबर से, इस बफर से प्याज को प्रमुख बाजारों में 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर वितरित किया गया है, जिससे खुदरा कीमतों और उपलब्धता पर काफी असर पड़ा है.

Kanda Express

सरकार ने बनाया ये खास प्लान

सरकार ने नासिक और अन्य सोर्स सेंटर से 1.40 लाख टन से अधिक बफर्ड प्याज को सफलतापूर्वक देश भर के उपभोक्ता-भारी क्षेत्रों में भेजा है. कांदा एक्सप्रेस भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) के माध्यम से 22 राज्यों में 104 गंतव्यों और नैफेड के माध्यम से 16 राज्यों में 52 गंतव्यों तक पहुंचा है. सफल, केंद्रीय भंडार और रिलायंस रिटेल जैसी रिटेल कैटेगरी के साथ पार्टनरशिप करके रिटेल कस्टमर्स को 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर प्याज बेचा जाएगा.

9 राज्यों में प्याज कीमतें स्थिर रखने में मिली सफलता

इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए खुदरा वितरण के लिए नौ राज्य सरकारों और सहकारी समितियों को 86,500 मीट्रिक टन प्याज आवंटित किया गया है. इस वितरण रणनीति ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे प्रमुख राज्यों में प्याज की कीमतों को स्थिर करने में सफलता भी देखी है. सरकारी एजेंसियों की रिपोर्ट है कि अक्टूबर के दौरान प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं.

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