इन दिनों बाजार में आईपीओ की जैसे मानों बहार है। हर हफ्ते एक-दो आईपीओ आ ही जा रहा है। कल्याण ज्वेलर्स इंडिया लिमिटेड के शेयरों की लिस्टिंग काफी फीकी रही।
नई दिल्ली: इन दिनों बाजार में आईपीओ की जैसे मानों बहार है। हर हफ्ते एक-दो आईपीओ आ ही जा रहा है। कल्याण ज्वेलर्स इंडिया लिमिटेड के शेयरों की लिस्टिंग काफी फीकी रही। निवेशकों को कल्याण ज्वैलर्स के आईपीओ ने निराश किया।

कल्याण ज्वैलर्स के शेयर 15% डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए
कल्याण ज्वैलर्स कंपनी का शेयर बीएसई पर 15 फीसदी डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुआ है। आईपीओ के तहत प्राइस बैंड 86-87 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था, जबकि बीएसई पर शेयर 74 रुपये पर लिस्ट हुआ है। जानकारी दें कि यह आईपीओ 16 मार्च से 18 मार्च तक खुला था।
कंपनी ने 1175 करोड़ रुपए जुटाए
2012 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब शेयर बाजार में कोई ज्वैलरी कंपनी लिस्ट हुई है। कल्याण ज्वैलर्स से पहले पीसी ज्वैलर्स की मार्केट में लिस्टिंग हुई थी। कल्याण ज्वैलर्स में वॉरबर्ग पिनकस का पैसा लगा हुआ है। आईपीओ 2.61 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कल्याण ज्वैलर्स के आईपीओ में लॉट साइज 172 शेयरों का था। कंपनी ने पहले इश्यू के जरिए 1750 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी की थी। लेकिन बाजार की हालात देखकर अपना इरादा बदल दिया। इसे कम करके 1175 करोड़ रुपये कर दिया। कंपनी ने आईपीओ के जरिए 800 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू जारी किए हैं। 375 करोड़ रुपये के शेयर्स ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे गए।
आमदनी के लिहाज से सबसे बड़ी ज्वैलरी कंपनी
कंपनी इश्यू से जुटाए फंड का इस्तेमाल अगले दो साल तक कामकाज में करेगी। 30 जून 2020 तक कल्याण ज्वेलर्स के पास देश के 21 राज्यों में 107 शोरूम थे। इसके अलावा विदेशों में भी करीब कंपनी के 30 शोरूम हैं। ब्रोकरेज हाउस एंजेल ब्रोकिंग के अनुसार मजबूत ब्रांड और देशभर में मजबूत नेटवर्क के चलते कंपनी का प्रदर्शन आगे बेहतर रह सकता है। कंपनी के शोरूम का मजबूत नेटवर्क भारत के अलावा विदेशों में भी है। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाइड है। वैल्युएशन टाइटन कंपनी की तुलना में लो है। लेकिन टाइटन का ट्रैक रिकॉर्ड कल्याण ज्वैलर्स की तुलना में काफी बेहतर है।


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