Jupiter Wagons Share Price: शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन गुरुवार को फ्लैट शुरुआत हुई लेकिन कुछ समय के भीतर बाजार निचले स्तरों से रिकवर करने लगा। खबर लिखते समय सुबह 9:26 बजे तक सेंसेक्स और निफ्टी उछाल के साथ कारोबार कर रहे हैं। आज कारोबार के दौरान रेल से जुड़े सामान बनाने वाली जानी-मानी कंपनी जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के स्टॉक्स फोकस में बने हुए हैं।

रेल से जुड़े उपकरण बनाने वाली जानी-मानी कंपनी जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (Jupiter Wagons Ltd.) के लिए खुशखबरी आई है। कंपनी की सहायक इकाई जुपिटर टाट्रावागोंका रेलव्हील फैक्ट्री को भारतीय रेल मंत्रालय की ओर से एक नया ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर के तहत फैक्ट्री को रेलवे को 9,000 LHB एक्सल की सप्लाई करनी होगी। इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू लगभग 113 करोड़ रुपए है।
आज कारोबारी शेसन में जुपिटर वैगन्स के शेयर 7% तक की तेजी के साथ 319 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। पिछले ट्रेडिंग सत्र पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 332 रुपए पर क्लोज हुआ था। कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक हाई अपना 588 रुपए दिसंबर 2024 में टच किया था। वहीं, कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक लो 270 रुपए मार्च 2025 में टच किया था। कंपनी की मार्केट कैप 14,500.85 करोड़ रुपए है।
रेल मंत्रालय ने जारी किया लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस
रेल मंत्रालय ने इस सप्लाई के लिए आधिकारिक तौर पर लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी कर दिया है। इसका मतलब है कि अब कंपनी तय समय के भीतर रेलवे को एक्सल उपलब्ध कराएगी। यह सौदा न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि देश के रेल उपकरण निर्माण क्षेत्र के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कंपनी को मिलेगा बड़ा फायदा
इस नए ऑर्डर से कंपनी की इंकम में सीधा इजाफा होगा। 113 करोड़ रुपए का यह कॉन्ट्रैक्ट जुपिटर वैगन्स की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करेगा। साथ ही, ऐसे प्रोजेक्ट मिलने से कंपनी की बाजार में प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। भविष्य में रेलवे और बाकी प्रोजेक्ट्स के लिए भी कंपनी की दावेदारी मजबूत होगी।
निवेशकों की नजरें कंपनी पर
इतना बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद निवेशकों की निगाहें भी कंपनी के शेयर पर टिक गई हैं। अक्सर इस तरह की घोषणाएं शेयर बाजार में अच्छा असर डालती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनी के शेयर की कीमतों में हलचल देखने को मिल सकती है।
जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के लिए यह ऑर्डर एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ कंपनी का कारोबार बढ़ेगा बल्कि भारतीय रेलवे को भी बेहतर और टिकाऊ एक्सल समय पर मिल सकेंगे। यह डील रेल उद्योग और यात्रियों की सुविधा, दोनों के लिए ही फायदेमंद साबित होगी।
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