: साल 2024 आईपीओ मार्केट के लिए धमाकेदार रहा है. मेन बोर्ड हो या फिर एसएमई सेगमेंट दोनों में ही इस साल धड़ाधड़ आईपीओ खुल रहे. इस कड़ी में जंगल कैंप्स इंडिया लिमिटेड का आईपीओ भी खुल गया है. आज बुधवार को इसका दूसरा दिन है. दोपहर तक आईपीओ करीब 36 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसमें रिटेल निवेशकों का हिस्सा 62 गुना तक सब्सक्राइब हो चुका है.
जंगल कैंप्स इंडिया आईपीओ का सब्सक्रिप्शन
जंगल कैंप्स इंडिया का आईपीओ 29.42 करोड़ रुपए का है, जिसमें 40.86 लाख शेयर शामिल हैं. यह आईपीओ 10 दिसंबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है. इसे पहले ही दिन निवेशकों से इसे जबरदस्त रिएक्शन मिला. आईपीओ को दूसरे दिन तक कुल मिलाकर 36.11 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. रिटेल कैटेगरी में सबसे ज्यादा 61.92 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है.
जंगल कैंप्स इंडिया आईपीओ जीएमपी
ग्रे मार्केट में जंगल कैंप्स इंडिया आईपीओ का जबरदस्त एक्शन देखने को मिल रहा. ग्रे मार्केट प्रीमियम इश्यू प्राइस के मुकाबले 97 फीसदी प्रीमियम पर लिस्टिंग के संकेत दे रहा है. GMP भी 142 रुपए के प्राइस पर चल रहा है. जबकि इश्यू प्राइस 72 रुपए का है.

जंगल कैंप्स इंडिया आईपीओ ने अपना प्राइस बैंड 68 रुपए से 72 रुपए प्रति शेयर के बीच तय किया गया है. निवेशकों को कम से कम 1600 शेयरों के लॉट साइज के लिए आवेदन करना होगा, जो रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 1 लाख 15 हजार 200 रुपये के निवेश के बराबर है.
कैटेगरी के लिहाज से आवेदन
गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) कैटेगरी को 24.11 गुना सब्सक्राइब किया गया, जबकि योग्य संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) कैटेगरी को केवल 0.01 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. यह ऑफर क्यूआईबी के लिए लगभग 50%, रिटेल निवेशकों के लिए 35% और एनआईआई के लिए बाकी 15% रिजर्व है.
जंगल कैंप्स इंडिया पूरे भारत में विभिन्न वन्यजीव कैंप्स और हॉस्पैटिलिटी सर्सिसेज ऑपरेट करता है. उनके एसेट पेंच टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश में रुखड़ बफर जोन और महाराष्ट्र में ताडोबा टाइगर रिजर्व जैसे फेमस रिजर्व में स्थित हैं. कंपनी विला, कॉटेज, डीलक्स कमरे, सफारी टेंट और अन्य सुविधाओं सहित कुल 87 रेजिडेंशियल यूनिट्स का मैनेजमेंट करते हैं.
वित्तीय ग्रोथ में जबरदस्त ग्रोथ
फाइनेंशियल लिहाज से जंगल कैंप्स इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा है. FY2023 और FY2024 के बीच, उनका राजस्व 61.01% बढ़कर 11.24 करोड़ रुपये से 18.10 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. PAT में 699.55% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज हुई, जो 45 लाख रुपये से बढ़कर 3.59 करोड़ रुपये हो गया.
जुटाई गई धनराशि को मध्य प्रदेश में संजय दुबरी राष्ट्रीय उद्यान जैसी परियोजनाओं के विकास और पेंच जंगल कैंप जैसे मौजूदा रिसॉर्ट्स के रेनोवेशन के लिए कैपेक्स होगा.


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