नई दिल्ली, जून 15। सरकारी नौकरी की तलाश करे वालों के लिए एक बहुत राहत भरी है। दरअसल बहुत जल्द उन्हें भारतीय रेलवे में नौकरी का मौका मिलेगा। इस बात की जानकारी खुद भारतीय रेलवे ने दी है। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को घोषणा की है कि वह अगले वर्ष 1,48,463 लोगों को रोजगार देगा। बता दें कि पिछले आठ वर्षों में रेलवे में औसतन 43,678 लोगों को रोजगार मिला है। एक साल में रेलवे में करीब 1.5 लाख नौकरियां काफी अच्छी खबर है।
रेलवे में कितनी नौकरी मिलीं
रेलवे ने वित्त वर्ष 2014-15 से लेकर वित्त वर्ष 2021-22 के दौरानन 3,49,422 लोगों को नौकरी दी है। गौरतलब है कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया कि अगले 18 महीनों में अलग अलग विभागों और मंत्रालयों में 10 लाख लोगों को नौकरी दी जाए। इसी के बाद रेलवे ने करीब 1.5 लाख नयी भर्तियां करने का ऐलान किया है।
कितने पद थे खाली
वेतन और भत्ते पर व्यय विभाग की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च, 2020 तक, नियमित केंद्र सरकार के कर्मचारियों की कुल संख्या (केंद्र शासित प्रदेशों सहित) 31.91 लाख थी, जबकि स्वीकृत संख्या 40.78 लाख है। यानी लगभग 21.75 प्रतिशत पद खाली हैं। इस रिपोर्ट में जिक्र किया गया कि पांच प्रमुख मंत्रालयों या विभागों में कुल मैनपावर का 92 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। इनमें रेलवे, रक्षा (नागरिक), गृह मामले, पोस्ट्स और राजस्व शामिल हैं।
रेलवे में सबसे अधिक
रेलवे के पास कुल कर्मचारियों की संख्या 31.33 लाख (केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर) का 40.55 प्रतिशत है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई विभागों और मंत्रालयों से पीएम मोदी के निर्देश के जवाब में रिक्तियों का डेटा प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया था, और 10 लाख कर्मचारियों को काम पर रखने का निर्णय ओवरऑल वैल्युएशन के बाद किया गया था।
विपक्ष का आरोप
इस बीच विभिन्न विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने बेरोजगारी के विषय पर भाजपा को नीचा दिखाने की कोशिश की। अब नयी भर्तियों के ऐलान को भी चुनावी मुद्दा कहा गया है।
मिशन मोड में भर्तियां
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट किया था, जिसके अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी विभागों और मंत्रालयों में ह्यूमन रिसॉर्स की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिया कि सरकार अगले 1.5 साल में मिशन मोड में 10 लाख लोगों की भर्ती करे। कुछ समय पहले एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें रिक्तियों को जल्दी भरने और कुछ ही महीनों के भीतर इस प्रोसेस को शुरू करने पर पीएम के फोकस के बारे में बताया गया था। इसके बाद हर विभाग और मंत्रालय ने स्वीकृत पदों के खिलाफ रिक्तियों की सूची तैयार की थी। अप्रैल में केंद्र सरकार के सभी सचिवों के साथ 4 घंटे लंबी मैराथन बैठक में पीएम ने भर्ती अभियान के बारे में बात की थी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में, और आगामी आम चुनावों में "रिक्तियों" और बेरोजगारी को एक बड़ा मुद्दा बनाने के विपक्ष के प्लान के मद्देनजर पीएम मोदी के इस निर्देश को महत्व मिलता है। पिछले साल जुलाई में राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में, कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि 1 मार्च, 2020 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में लगभग 8.72 लाख पद खाली थे।


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