नयी दिल्ली। टेलीकॉम कंपनियों के महंगे प्लान शुरू हो चुके हैं। प्रीपेड प्लान महंगे करने के पीछे टेलीकॉम कंपनियों का एक उद्देश्य एआरपीयू यानी प्रति उपभोक्ता औसत आमदनी को बढ़ाना है। मगर टेलीकॉम सेक्टर के कई जानकारों का मानना है कि प्लान महंगे करने का कोई खास फायदा टेलीकॉम कंपनियों, खास कर रिलायंस जियो को, वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही तक नहीं मिलेगा। इस बार टैरिफ बढ़ोतरी से पहले 28 दिन की वैलिडिटी वाले मोबाइल प्लानों से दूरसंचार कंपनियों को अधिकतम रिटर्न मिल रहा था, क्योंकि लंबी अवधि के प्रीपेड प्लान 10 फीसदी और 45 फीसदी की सीमा में डिस्काउंट रेट पर थे। ऐसे में महंगे प्लान का पूरा फायदा कंपनियों के नतीजों में जनवरी-मार्च तिमाही में नहीं देखने को मिलेगा। नये प्लान का फायदा टेलीकॉम कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों में दिखना शुरू होगा। इसके अलावा टैरिफ बढ़ोतरी को देखते हुए बहुत सारे यूजर्स के पहले से ही रिचार्ज करने की संभावना है। इससे टेलीकॉम कंपनियों को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में न्यूनतम लाभ मिलेगा।
भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया
प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने अपने ज्यादातर पॉपुलर प्रीपेड प्लान के दामों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इन प्लानों में 60 फीसदी उपभोक्ता आते हैं। हालांकि न्यूनतम रिचार्ज प्लान, जो ग्राहकों को अपना नंबर एक्टिव रखने के लिए जरूरी है, को 40 फीसदी तक बढ़ाया गया है। विश्लेषकों के मुताबिक ऑपरेटरों ने प्राइस प्रीमियम के बावजूद हाई बेनेफिट का विकल्प चुना है, जिससे प्रभावी रूप से नेटवर्क उपयोग और एआरपीयू का दबाव कम होगा। बता दें कि जियो ने 40 फीसदी और एयरटेल तथा वोडाफोन ने 42 फीसदी तक अपने प्लान महंगे कर दिये हैं।
जियो से अन्य नेटवर्कों पर मुफ्त कॉलिंग सीमित
प्रीपेड प्लान महंगे करने के अलावा जियो ने दूसरे नेटवर्कों पर मुफ्त कॉलिंग सीमित कर दी है। इससे अधिक कॉलिंग पर 6 पैसे प्रति मिनट शुल्क लगेगा। यह चार्ज पहले एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने भी वसूलने का ऐलान किया था, मगर इन दोनों ने यह लिमिट हटा कर सभी नेटवर्कों के लिए अनलिमिटेड कॉल शुरू कर दी। मगर रिलायंस जियो ने ऐसा नहीं किया। जियो के मुताबिक इसके उपभोक्ताओं के पास दूसरे नेटवर्कों पर कॉल करने के लिए जरूरत से ज्यादा मुफ्त मिनट्स होंगे। जियो ने यह भी कहा है कि इसके प्लान अभी भी एयरटेल और वोडाफोन के मुकाबले सस्ते हैं।
बढ़ रही है प्रतिस्पर्धा
अब प्राइवेट सेक्टर की सिर्फ तीन ही टेलीकॉम कंपनियाँ रह गयी हैं। इनमें रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं। इन तीनों में कड़ी प्रतियोगिता देखने को मिल रही है। पहले तीनों कंपनियों ने अपने प्रीपैड प्लान महंगे कर दिये और साथ ही अन्य नेटवर्कों के लिए कॉलिंग सीमित कर दी। मगर फिर एयरटेल और वोडाफोन ने यह सीमा हटा दी। इसके जवाब में जियो अपने 98 और 149 रुपये वाले दो प्लान फिर से ले आयी। हालाँकि इनमें कंपनी ने बेनेफिट कम किये हैं। इनमें 98 रुपये वाले प्लान में अन्य नेटवर्कों के लिए कॉलिंग के लिए अलग से रिचार्ज करवाना पड़ेगा।
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