देश का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) आज, शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बंद हो रहा है। आखिरी घंटों में रिटेल और हाई-नेट-वर्थ (HNI) निवेशकों की ओर से भारी बोलियां आने की उम्मीद है। ब्रोकर भले ही शाम 7 बजे तक ऑर्डर विंडो खुली रख रहे हों, लेकिन पेमेंट से जुड़े नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है। वहीं, शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग बुधवार, 28 अक्टूबर को होगी।
हफ्ते के बीच में एंकर निवेशकों ने इसमें भारी दांव लगाया था, जो बड़े संस्थागत निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। अपस्टॉक्स (Upstox) के मुताबिक, 212 एंकर निवेशकों ने अपर बैंड पर ₹8,109.85 करोड़ जुटाए हैं। ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इस आईपीओ के जरिए 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। कंपनी का बड़ा दायरा, टेलीकॉम सेक्टर में लीडरशिप और मजबूत कैश फ्लो बाजार का ध्यान खींचे हुए हैं। अब ट्रेडर्स की नजर आखिरी घंटे की डिमांड और प्राइस डिस्कवरी पर टिकी है।

Jio Platforms IPO: आखिरी घंटे की बिडिंग और UPI कट-ऑफ टाइम
लाइव बिडिंग डेटा के मुताबिक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा आज सबसे आगे चल रहा है। पेमेंट मैंडेट क्लियर होने के साथ ही रिटेल हिस्सा भी धीरे-धीरे भर रहा है। मिंट (Mint) के डेटा के अनुसार, QIB कैटगरी 9.60 गुना सब्सक्राइब हुई है। वहीं एनआईआई (NII) का हिस्सा 2.92 गुना और रिटेल का 1.12 गुना भरा है। कुल मिलाकर आईपीओ 3.72 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इन आंकड़ों से लिस्टिंग वाले दिन शेयरों की सप्लाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। रिटेल हिस्सा 1 गुना के करीब होने का मतलब है कि आज सिंगल लॉट मिलने की अच्छी संभावना है।
| कैटगरी | सब्सक्रिप्शन (गुना) |
|---|---|
| QIB | 9.60 |
| NII | 2.92 |
| रिटेल | 1.12 |
| कुल (Total) | 3.72 |
ध्यान रखें कि यूपीआई (UPI) मैंडेट को आज शाम 5:00 बजे तक अप्रूव करना जरूरी है। सेबी (SEBI) के नए नियमों के तहत यह समयसीमा तय की गई है ताकि रीकंसिलेशन तेजी से हो सके। हालांकि, कुछ ब्रोकर शाम 7:00 बजे तक विंडो खुली रख रहे हैं। देर से अप्रूवल देने पर, खासकर भारी ट्रैफिक के दौरान, आवेदन रिजेक्ट हो सकता है या पेमेंट अटक सकता है। किसी भी गलती से बचने के लिए अकाउंट में बैलेंस चेक करें, मैंडेट दोबारा ट्रिगर करें और बैंक का एसएमएस जरूर कंफर्म करें।
| UPI मैंडेट कट-ऑफ | समय |
|---|---|
| सेबी का नियम (सेम-डे अप्रूवल) | शाम 5:00 बजे तक |
| ब्रोकर ऐप विंडो | शाम 7:00 बजे तक |
Jio Platforms IPO: लिस्टिंग वाले हफ्ते की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी और रिस्क मैनेजमेंट
बाजार के उतार-चढ़ाव (बीटा) से बचने के लिए ट्रेडर्स बड़े टेलीकॉम शेयरों के साथ पेयर ट्रेडिंग (Pair Trades) की रणनीति बना रहे हैं। इसमें एक तरीका जियो की प्राइस डिस्कवरी के मुकाबले भारती एयरटेल में बराबर रकम की लॉन्ग पोजीशन लेना है। वहीं इंडेक्स हेजिंग के लिए निफ्टी के आउट-ऑफ-द-मनी (OTM) वीकली पुट ऑप्शन खरीदे जा सकते हैं। किसी भी बड़े गैप-अप या गैप-डाउन रिस्क से बचने के लिए डिफाइंड स्प्रेड, सख्त स्टॉप-लॉस और 1% से कम पोजीशन साइजिंग रखें। लिस्टिंग की खबरों के बीच ओवरनाइट लेवरेज लेने से बचें।
Jio Platforms IPO: जीएमपी (GMP) बनाम फेयर वैल्यू, अलॉटमेंट और जरूरी तारीखें
आईपीओ बंद होने के वक्त ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में काफी हलचल होती है, जो अक्सर बाद में ठंडी पड़ जाती है। इसलिए सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय फेयर वैल्यू के आधार पर ही ट्रेड का साइज तय करें। T+3 नियमों के तहत, शेयरों का अलॉटमेंट सोमवार, 26 अक्टूबर को होने की संभावना है। रिफंड और डिमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट का काम मंगलवार, 27 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद बुधवार, 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी। एग्जिट रणनीति के लिए कंपनी के टैरिफ प्लान और सब्सक्राइबर आंकड़ों पर नजर बनाए रखें। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।


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