देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल Jio Platforms की शेयर बाजार में लिस्टिंग पर आज निवेशकों की नजर है। ₹30,200 करोड़ से ज्यादा के इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और इश्यू 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने IPO का अंतिम इश्यू प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर तय किया है, जिसके आधार पर इसकी वैल्यूएशन करीब ₹10.3 लाख करोड़ बैठती है।

इधर, जियो की लिस्टिंग से पहले ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Nomura ने टेलीकॉम सेक्टर में अपनी पसंद को लेकर अहम संकेत दिए हैं। ब्रोकरेज को जियो की वैल्यूएशन में संभावनाएं दिखती हैं, लेकिन उसने इस सेक्टर में Bharti Airtel को अपनी पहली पसंद बताया है।
Jio पर Nomura को कितना भरोसा-
Nomura की 10 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO प्राइस बैंड के आधार पर इक्विटी वैल्यूएशन करीब ₹9.8 लाख करोड़ से ₹10.3 लाख करोड़ आंकी गई थी। ब्रोकरेज ने कर्ज, स्पेक्ट्रम से जुड़ी देनदारियों, लीज देनदारियों और आईपीओ से मिलने वाली रकम को ध्यान में रखते हुए कंपनी की एंटरप्राइज वैल्यू करीब 113 अरब डॉलर से 118 अरब डॉलर आंकी थी। यह ब्रोकरेज के जून 2028 के अनुमानित EBITDA पर 12 गुना मल्टीपल के आधार पर निकाली गई करीब 133 अरब डॉलर की एंटरप्राइज वैल्यू से लगभग 11-15% कम थी। यानी Nomura के आकलन के मुताबिक, आईपीओ की कीमत में वैल्यूएशन के लिहाज से गुंजाइश थी।
Bharti Airtel क्यों है Nomura की पहली पसंद?
Nomura के मुताबिक, टेलीकॉम सेक्टर में Bharti Airtel की स्थिति ज्यादा मजबूत है। इसकी एक बड़ी वजह कंपनी के प्रीमियम ग्राहकों का बेहतर अनुपात है। ऐसे ग्राहक टैरिफ बढ़ने के बाद भी सेवाएं जारी रखने में अपेक्षाकृत ज्यादा सक्षम हो सकते हैं। इससे कंपनी को ग्राहकों के दूसरी योजनाओं पर जाने या नेटवर्क छोड़ने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के आसपास टैरिफ बढ़ोतरी टेलीकॉम कंपनियों की कमाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। ऐसे में Airtel को इसका ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है।
टैरिफ बढ़ोतरी में Airtel का प्रदर्शन बेहतर-
जुलाई 2024 में हुई टैरिफ बढ़ोतरी के बाद के तीन तिमाहियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए Nomura ने बताया कि Airtel का औसत प्रति ग्राहक राजस्व (ARPU) ₹211 से बढ़कर ₹245 पहुंच गया। वहीं, जियो का ARPU ₹182 से बढ़कर ₹206 हुआ। इसी अवधि में Airtel के ग्राहकों की संख्या में करीब 2% बढ़ोतरी हुई, जबकि जियो के ग्राहक आधार में लगभग 0.3% की गिरावट आई। इससे ब्रोकरेज को लगता है कि टैरिफ बढ़ने पर Airtel बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
जियो की लिस्टिंग के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के ARPU, टैरिफ बढ़ोतरी, ब्रॉडबैंड कारोबार और नई डिजिटल सेवाओं से कमाई पर रहेगी। दूसरी ओर, Airtel के लिए प्रीमियम ग्राहकों का आधार और टैरिफ बढ़ने पर ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता अहम होगी। हालांकि, केवल ब्रोकरेज की पसंद के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। जियो की लिस्टिंग के बाद शेयर का वास्तविक बाजार भाव, वैल्यूएशन और कारोबारी प्रदर्शन देखकर ही निवेशकों को आगे की रणनीति तय करनी चाहिए।
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