IPO: साल 2026 में शेयर बाजार में आईपीओ की बहार देखने को मिल सकती है। कई बड़ी और पसंदीदा कंपनियां इस साल पब्लिक इश्यू लेकर बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। टेक्नोलॉजी, फिनटेक और ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनियों के आईपीओ निवेशकों के लिए नए अवसर और निवेश के विकल्प लेकर आएंगे। इसके साथ ही बाजार में तरलता बढ़ने और नए निवेशकों की भागीदारी भी देखने को मिल सकती है।

जेप्टो का बड़ा कदम
क्विक डिलीवरी कंपनी जेप्टो इस साल जुलाई से सितंबर के बीच अपना IPO लॉन्च कर सकती है। कंपनी ने दिसंबर 2025 में सेबी को कॉन्फिडेंशियल आवेदन दिया था। अनुमान है कि इस आईपीओ का साइज 11,000 से 12,000 करोड़ रुपए के बीच हो सकता है। जेप्टो शहरों में तेज डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सर्विसों के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन रही है।
फ्लिपकार्ट और बोट की तैयारी
ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट का आईपीओ भी 2026 में आने की उम्मीद है। इसके लिए एनसीएलटी ने फ्लिपकार्ट का रजिस्ट्रेशन भारत में करने की मंजूरी दे दी है। वहीं, ऑडियो और गैजेट्स निर्माता बोट ने भी सेबी से आईपीओ की मंजूरी ले ली है। बोट का इश्यू 1,500 से 2,000 करोड़ रुपए का हो सकता है।
प्रिज्म और फोनपे भी लाइन में
प्रिज्म कंपनी 2026 के पहले या दूसरे हिस्से में अपना आईपीओ ला सकती है। कंपनी के अनुसार, इसके जरिए 6,650 करोड़ रुपए तक जुटाने की संभावना है। वहीं, डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे का आईपीओ मिड-2026 में आ सकता है। फोनपे के वित्तीय आंकड़े मजबूत हैं और पिछले साल इसके ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 40% की बढ़ोतरी हुई है। अनुमान है कि इसका IPO 10,000 से 12,500 करोड़ रुपए के बीच हो सकता है।
रिलायंस जियो पर निवेशकों की नजर
साल 2026 का सबसे बड़ा आईपीओ रिलायंस जियो का माना जा रहा है। मुकेश अंबानी ने पिछले साल इसके लिए हरी झंडी दी थी। जियो के इस IPO से शेयर बाजार में भारी उत्साह और निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
साल 2026 में IPO का माहौल निवेशकों के लिए बेहद रोमांचक रहेगा। हालांकि निवेश से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति, भविष्य की योजना और बाजार की हालत को समझना जरूरी है। इससे निवेश सही दिशा में किया जा सकता है और जोखिम भी कम होगा।


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