नयी दिल्ली। टेलीकॉम कंपनियों की आर्थित स्थिति पिछले कुछ समय से बहुत अच्छी नहीं चल रही है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी जियो को छोड़ दिया जाए तो बाकी कंपनियों की कमजोर आर्थिक हालत अकसर खबरों की सुर्खियां बनती रही हैं। पिछले साल दिसंबर में टैरिफ बढ़ाने के बाद उम्मीद थी कि इन कंपनियों, खास कर एयरटेल और वोडाफोन, की स्थिति में सुधार हो सकता है। मगर जानकारों को लगता है कि जनवरी-मार्च तिमाही में एयरटेल और जियो को तो तगड़ा मुनाफा हो सकता है, मगर वोडाफोन को घाटा होगा। जियो और एयरटेल की आमदनी और मुनाफे में बढ़ोतरी का कारण दिसंबर में टैरिफ बढ़ोतरी ही माना जा रहा है। जबकि ग्राहकों की संख्या घटने से वोडाफोन को तगड़ा घाटा होने की संभावना है। इससे वोडाफोन की हालत और कमजोर हो सकती है।
33 फीसदी तक बढ़ाया था मोबाइल टैरिफ
पिछले दिसंबर में भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो ने एक साथ प्रीपेड टैरिफ में लगभग 14 से 33 फीसदी तक की वृद्धि की थी। ये तीन सालों में पहली बार टैरिफ में बढ़ोतरी का फैसला था। इससे उनकी मार्च तिमाही की कुल आमदनी में वृद्धि होने की संभावना है। लेकिन विश्लेषकों को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2021 के पहले छह महीनों के बाद ही टैरिफ बढ़ोतरी का पूरा असर पता चलेगा। तब तक अधिकांश ग्राहकों के नए हाई प्राइस प्लान पर रिचार्ज करने की संभावना है। वैसे भी कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन क चलते कुल मोबाइल रिचार्ज वैल्यू में गिरावट आई है।
लॉकडाउन का बहुत असर नहीं
विश्लेषकों का मानना है कि कोरोनावायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन से टेलीकॉम कंपनियों की चौथी तिमाही की कमाई को प्रभावित नहीं किया है, क्योंक इसकी शुरुआत मार्च के अंत में हुई है। मगर लॉकडाउन से नए ग्राहकों की जुड़ने की रफ्तार जरूर धीमी होगी। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार एक्सिस कैपिटल के मुताबिक टैरिफ बढ़ोतरी से एयरटेल और जियो को लाभ होगा, मगर ग्राहकों की संख्या घटने से वोडाफोन नुकसान में रहेगी। जनवरी-मार्च में जियो को 1.4 करोड़ और एयरटेल को 20 लाख ग्राहकों और मिलने की संभावना है।
एजीआर पर राहत
वैसे लॉकडाउन से टेलीकॉम कंपनियों को राहत भी मिली है। एयरटेल और वोडाफोन एजीआर बकाया चुकाये जाने की मांग से जूझ रही थीं, उन्हें अब अस्थायी राहत मिली है। दरअसल दूरसंचार विभाग इस समय दूसरे जरूरी कामों में व्यस्त है और एजीआर मामले पर ढील दे रहा है। बता दें कि वोडाफोन और एयरटेल पर हजारों करोड़ रुपये का एजीआर बकाया था, जिसमें कंपनियों ने कुछ अदा कर दिया है। लॉकडाउन के कारण करोड़ों लोग घरों में जीवन गुजार रहे हैं और घरों से ही काम कर रहे हैं। ऐसे में टेलीकॉम सेवाओं को जारी और एक्टिवेट बनाये रखना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी बन गयी है।
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