भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) अपने यूजर्स के लिए हर अच्छी से अच्छी सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश में रहता है, ठीक एक बार फिर स्पैम और धोखाधड़ी वाले टेक्स्ट के खिलाफ नियमों में बदलाव किया है। अब यूजर्स को उनके क्षेत्र में मौजूद नेटवर्क की जानकारी मिल सकेगी। यह कदम (TRAI) के नए नियमों का हिस्सा है।

यह अपडेट वेब लिंक, ऐप लिंक और फ़ाइल अटैचमेंट को टारगेट करता है। अगर आप इसका पालन नहीं करते हैं, तो उनके मेसेज ब्लॉक कर दिए जाएंगे। ट्राई द्वारा की गई यह कार्रवाई यह तय करने के लिए की गई है कि यूजर्स को ऐसे मेसेज प्राप्त हों जो उनके लिए सुरक्षित और सही हों।
इसका उद्देश्य लोगों के फोन पर हर रोज आने वाले स्पैम मेसेज की बड़ी संख्या को कम करना है। भारत में प्रतिदिन 1.5 से 1.7 बिलियन कमर्शियल मेसेज आते हैं। यह पहल इन मेसेजों को फ़िल्टर करने में मदद करेगी, जिससे यह तय होगा कि केवल वेरीफाई सोर्स से ही यूजर्स तक मेसेज पहुंचे।
ट्राई के नए नियमों को समझना
ट्राई का नया आदेश जो शुरू में 1 सितंबर से शुरू होने वाला था, लेकिन उसे 1 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया था, ट्राई के अनुसार लिंक या अटैचमेंट वाले सभी कमर्शियल मेसेज को पहले से रजिस्टर्ड होना जरूरी है। इस काम को व्हाइटलिस्टिंग के नाम से जाना जाता है, जिसमें सुरक्षित सिस्टम के माध्यम से सही से जांच की जाती है। इस जांच में सफल होने वाले मेसेजों को डिलीवर कर दिया जाता है, जबकि अनवेरीफाई मेसेजों को रोक दिया जाता है। यह प्रणाली यूजर्स को धोखाधड़ी और स्पैम संचार से बचाने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार बताया गया कि संस्थाएं वर्तमान में अपने URL को व्हाइट लिस्ट में शामिल करवाने पर काम कर रही हैं। इस प्रयास से मैसेजिंग प्रक्रिया में काफी सुधार होने की उम्मीद है। ट्राई ने यह कहकर कुछ राहत प्रदान की है कि वेब पतों के केवल स्थिर हिस्से को ही रजिस्टर्ड करने की जरूरत है, परिवर्तनशील हिस्सों को नहीं।
दूरसंचार यूजर्स के लिए अपडेट
जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के यूजर्स के लिए ये नए अपडेट बहुत जरूरी है। उम्मीद है कि स्पैम और धोखाधड़ी वाले संदेशों में भारी कमी आएगी। इन उपायों के लागू होने से हर कमर्शियल मेसेज को एक सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म से गुज़रना होगा। यह आवश्यकता न केवल सुरक्षा को बढ़ाती है बल्कि फ़िशिंग हमलों से व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने में भी मदद करती है।
इसके अलावा ट्राई ने जरूरी किया है कि मेसेज की पूरी जानकारी सेंडर से मेसेज पाने वाले तक 1 नवंबर तक पता लगाने योग्य होनी चाहिए। कोई भी संदेश जो इस ट्रेसेबिलिटी टेस्ट में विफल रहता है, उसे अस्वीकार कर दिया जाएगा। यह कदम अधिक जवाबदेही तय करके और स्पैम और धोखाधड़ी के प्रचलन को कम करके यूजर्स के लिए संदेश अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ट्राई के अच्छे प्रयास का हिस्सा है।
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