जैसा कि आप जानते हैं कि देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां एयरटेल और वोडाफोन पर अरबों का कर्ज है जिसे उन्हें चुकाना पड़ेगा। इसी कर्ज को लेकर मुकेश अंबानी कंपनी जियो ने एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को सुझाया है कि कैसे वो अपने कर्ज का भुगतान करें। आपको बता दें कि अदालत के फैसले के बाद एयरटेल को लगभग 21 हजार करोड़ और वोडाफोन आइडिया को 28 हजार करोड़ रुपए का भुगतान करना है।

आपको बता दें कि इन कंपनियों ने सरकार से इस मामले में राहत की अपील की है। एयरटेल के मालिक सुनील मित्तल ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ ही दूरसंचार विभाग के सचिव से मुलाकात की थी। इस बीच मुकेश अंबानी की कंपनी जियो की ओर से दिग्गज अरबपति कारोबारियों को कर्ज चुकाने का तरीका सुझाया है। आपको बता दें कि एयरटेल का टॉवर व्यवसाय पूरे भारत में 1,63,000 से अधिक मोबाइल-फोन टॉवर संचालित करता है।
रिलायंस जियो के नियामक मामलों के अध्यक्ष कपूर सिंह गुलियानी ने कहा है कि यदि एयरटेल चाहे तो अपनी संपत्तियों के महज एक छोटे से हिस्से को बेचकर इस राशि को चुका सकती है। इसके अलावा एयरटल अपने इंडस टावर बिजनेस में 15-20 प्रतिशत नई इक्विटी के जरिए सरकार को इस राशि का भुगतान कर सकता है। गुलियानी ने अपने पत्र में कहा कि इंडस टावर्स में वोडाफोन की भी हिस्सेदारी है। ऐसे में उसे भी बकाया चुकाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के अनुसार दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को लिखे गए पत्र में रिलायंस जियो ने कहा है कि इन दूरसंचार कंपनियों के पास बकाया चुकाने की पर्याप्त वित्तीय क्षमता है। जियो की ओर से पत्र में कहा गया है सीओएआई अपने दो चुनिंदा सदस्यों को सरकार से वित्तीय राहत दिलाने में मदद के लिए वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाने की कोशिश कर रहा है।


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