Jewar Airport: जेवर एयरपोर्ट की पहचान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से भी जानी जाती है, इस एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें 17 अप्रैल, 2025 को शुरू होने वाली हैं। यह एयरपोर्ट कई तरह की सेवाओं के साथ शुरू होगा, जिसमें दो कार्गो उड़ानें, 25 घरेलू और तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शामिल हैं, जिससे भारत के 25 शहरों से उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर तक सीधा संपर्क बढ़ेगा।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने घरेलू सेवाओं का समर्थन किया है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की इजाजत दी है। फिर भी केंद्र सरकार की अंतिम मंज़ूरी का अभी भी इंतज़ार है। आधिकारिक शुरुआत से पहले 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक हवाई अड्डे पर यात्रियों के बिना उड़ान परीक्षण किए जाएंगे, ताकि यह तय किया जा सके कि भव्य उद्घाटन के लिए सब कुछ ठीक है।
इस हवाई अड्डे से हवाई सेवाएं शुरू करने की पहल के कारण डेवलपर कंपनी ने डीजीसीए से मंजूरी मांगी है। हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान डीजीसीए ने हवाई अड्डे के खुलने के साथ ही 25 घरेलू हवाई सेवाओं की शुरुआत को मंजूरी दे दी है, जिससे नोएडा हवाई अड्डे को पहले दिन से ही देश भर के 25 शहरों से प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकेगा। हवाई संपर्क में इस विस्तार से यात्रियों को काफी फायदा मिलने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने यात्रियों की संख्या और घरेलू उड़ानों में संभावित वृद्धि रौशनी डाली है।
शुरुआत में 25 शहरों के लिए उड़ानों को मंजूरी दी गई है, साथ ही IATA द्वारा तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को मंजूरी दी गई है। हालांकि, इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बारे में केंद्र सरकार का निर्णय अभी भी पेंडिंग है। इसके अलावा एयरपोर्ट ने माल की रसद और परिवहन का समर्थन करने के लिए दो कार्गो उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई है।
हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन के काम में तेजी से प्रगति देखी जा रही है, वहीं दिसंबर तक सभी काम पूरा करने के प्रयास जारी हैं। इसके बाद डेवलपर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड का लक्ष्य दिसंबर में डीजीसीए से हवाई अड्डे के लाइसेंस के लिए आवेदन करना है।
हवाई अड्डे की तैयारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर 30 नवंबर को चालक दल के सदस्यों के साथ प्रस्तावित परीक्षण उड़ान होगी, जो परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आगामी नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश में यात्रा की गतिशीलता को बदलने की कगार पर है, क्योंकि यह इसे भारत और उसके बाहर के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा।


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