नयी दिल्ली। देश की सबसे पुरानी प्राइवेट एयरलाइन जेट एयरवेज की फ्लाइट्स एक बार फिर से उड़ान भरेंगी। दरअसल कंपनी को नया खरीदार मिल गया है। लेनदारों की समिति ने दिवालिया हो चुकी एयरलाइन को फिर से शुरू करने के लिए लंदन स्थित कैलरॉक कैपिटल और यूएई के बिजनेसमैन मुरारी लाल जालान के कंसोर्टियम (समूह) के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। जेट ने पिछले साल अप्रैल में संचालन बंद कर दिया था और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में इसकी दिवालिया प्रोसस चल रही है। अभी एनसीएलटी की तरफ से भी मंजूरी मिलना बाकी है। कंसोर्टियम की योजना जेट के फ्लाइट स्लॉट लेने की है जो अन्य एयरलाइनों को आवंटित कर दिए गए हैं। उन्हें ये स्लॉट इसलिए दिए गए क्योंकि जेट ने संचालन बंद कर दिया था। कंसोर्टियम का उद्देश्य अगले कुछ हफ्तों में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास आवेदन करना है।
इंटरनेशनल फ्लाइट भी उड़ेंगी
कंसोर्टियम का मकसद जेट एयरवेज को फिर से इंटरनेशनल फ्लाइट के साथ चलाना है, जैसा कि ये पहले थी। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार पास किए गए रेजोल्यूशन प्लान के मुताबिक कंसोर्टियम का लक्ष्य इसमें पूंजी लगाना, जेट के कर्जदाताओं को इक्विटी की पेशकश करना और नए जहाज खरीदने के लिए अपने पुराने विमानों को बेचना है। कंसोर्टियम के इस प्लान को लेनदारों की समिति ने "पर्याप्त बहुमत" ने मंजूर किया। भारत का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई, जिसका इसके कर्ज में 24 फीसदी हिस्सा है, ने कैलरॉक-जालान के प्लान के पक्ष में मतदान किया।
किस-किस ने दिया है जेट एयरवेज को कर्ज
एसबीआई, यस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और आईडीबीआई बैंक कर्ज के मूल्य के अनुसार टॉप 4 कर्जदाता हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर बैंकों ने इस मामले में एसबीआई के पक्ष में मत दिया। आईडीबीआई बैंक भी एसबीआई के साथ रहा। यस बैंक लगभग 17% कर्ज के साथ इसका दूसरा सबसे बड़ा लेनदार है। एक अन्य कंसोर्टियम जिसमें हरियाणा स्थित फ्लाइट सिमुलेशन टेक्नीक सेंटर, मुंबई की बिग चार्टर और अबू धाबी की इंपीरियल कैपिटल इंवेस्टमेंट्स शामलि हैं, जेट एयरवेज के लिए अंतिम रेस में शामिल रहे।
1 साल से ज्यादा हो गया समय
जेट एयरवेज के लिए यह प्रोसेस एक साल से ज्यादा समय से चल रही थी, जिसमें कई निवेशकों ने अपनी किस्मत आजमाई लेकिन समय सीमा के अंदर ठोस प्रस्ताव पेश करने में असमर्थ थे। इन निवेशकों में दक्षिण अमेरिकी समूह सिनर्जी ग्रुप और नई दिल्ली स्थित प्रूडेंट एआरसी शामिल थे। कैलरॉक की वेबसाइट के मुताबिक ये एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जबकि जालान ने अपनी कंपनी एमजे डेवलपर्स के माध्यम से रियल एस्टेट, खनन, ट्रेडिंग, निर्माण, एफएमसीजी, डेयरी, यात्रा और पर्यटन में निवेश किया है।
More From GoodReturns

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis



Click it and Unblock the Notifications