नई दिल्ली, जून 22। देश में एक बार फिर से जेट एयरवेज के जहाज उड़ेंगे। दरअसल नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने 22 जून को जेट एयरवेज के लिए कालरॉक-जालान कंसोर्टियम की समाधान योजना (रेज्योलूशन प्लान) को हरी झंडी दिखा दी। एनसीएलटी की मुंबई बेंच ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमसीए) को एयरलाइन को स्लॉट आवंटित करने के लिए 22 जून से 90 दिन का समय दिया है। बता दें कि स्लॉट के आवंटन पर अंतिम फैसला नागरिक उड्डयन नियामक करेगा।

स्लॉट मिलने में लगेगा समय
जानकारों ने एनसीएलटी के फैसले का स्वागत किया है। इधर सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक स्लॉट पर फैसला करने से पहले डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ऑर्डर का विस्तृत तौर पर अध्ययन करेंगे। जेट एयरवेज को स्लॉट आवंटित करने के प्रोसेस में समय लगेगा। बता दें कि अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज के बंद होने के बाद इसके स्लॉट अन्य एयरलाइनों को आवंटित किए गए थे। जून 2019 में एयरलाइन के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू की गई थी।
मुरारी लाल जालान-कलरॉक कैपिटल को मिली कामयाबी
अक्टूबर 2020 में, मुरारी लाल जालान-कालरॉक कैपिटल गठबंधन ने जेट एयरवेज के लिए बोली में कामयाबी हासिल की। इससे बंद पड़ी एयरलाइन को फिर से कारोबार शुरू करने का मौका मिला। हाल ही में दिवाला अदालत को सौंपे गए एक हलफनामे में, एमसीए और डीजीसीए ने कहा कि जेट एयरवेज स्लॉट प्राप्त करने के लिए ऐतिहासिकता का दावा नहीं कर सकता है और स्लॉट का आवंटन मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
लेनदारों ने दी थी मंजूरी
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में लेनदारों की समिति ने दिवालिया हो चुकी एयरलाइन को फिर से शुरू करने के लिए लंदन स्थित कैलरॉक कैपिटल और यूएई के बिजनेसमैन मुरारी लाल जालान के कंसोर्टियम (समूह) के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी। तब एनसीएलटी में इसकी दिवालिया प्रोसस चल रही थी। लेनदारों की समिति के बाद एनसीएलटी की तरफ से भी मंजूरी मिलना बाकी था। कंसोर्टियम की योजना जेट के फ्लाइट स्लॉट लेने की है जो अन्य एयरलाइनों को आवंटित कर दिए गए हैं।


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