Jaypee Infratech MD Manoj Gaur Arrested By ED: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में जेपी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई करीब 12,000 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ी है, जिसमें घर खरीदारों के पैसे के कथित हेरफेर का आरोप है। इस गिरफ्तारी को ईडी की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड के एमडी पर आरोप है कि उन्होंने घर खरीदारों के फंड का गलत इस्तेमाल किया। ईडी ने इस मामले में जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड और जेपी एसोसिएट्स से जुड़ी कई कंपनियों पर पहले भी छापेमारी की थी। ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई और अन्य कई स्थानों पर की गई थी।

जानकारी के अनुसार, जेपी इन्फ्राटेक पर रियल एस्टेट परियोजनाओं में खरीदारों के पैसे को अन्य परियोजनाओं में लगाने का आरोप है। इस वजह से कई निवेशकों का पैसा फंस गया और घर खरीदारों को समय पर अपने सपनों का घर नहीं मिल पाया। कंपनी के प्रमोटरों के खिलाफ 2017 में भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जब घर खरीदारों ने फंड के कथित हेरफेर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
PMLA के तहत ED ने की कार्रवाई
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह जांच घर खरीदारों के साथ हुई कथित धोखाधड़ी से संबंधित है। मनोज गौर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में गौर से आगे की पूछताछ की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
केंद्रीय एजेंसी ने इसी साल मई में PMLA के तहत एक बड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान जेपी इन्फ्राटेक, जेपी एसोसिएट्स और उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों के कार्यालयों और परिसरों पर छापेमारी की गई थी। दिल्ली और मुंबई सहित कंपनी के 15 से अधिक ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था।
इस छापेमारी के दौरान, ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी भी जब्त की थी। यह गिरफ्तारी ईडी की लगातार जारी जांच का हिस्सा है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने की उम्मीद की जा रही है।


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