नयी दिल्ली, अप्रैल 13। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में जनधन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत जीरो बैलेंस खाता खुलवाया जा सकता है। मगर जनधन खाताधारकों को अलर्ट रहने की जरूरत है। क्योंकि बेशक आपसे बैंक जीरो बैलेंस के लिए चार्ज न वसूले, मगर फ्री सीमित लेन-देन से ज्यादा पैसों की ट्रांजेक्शन पर जुर्माना लगा सकता है। बाकायदा बैंक ऐसा बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स (बीएसबीडीए) खाताधारकों के साथ कर रहे हैं। आगे जानिए पूरी डिटेल।
कितना लग रहा जुर्माना
जनधन योजना के तहत बीएसबीडीए अकाउंट खुलता है। इन खातों में मासिक आधार पर अधिकतम 4 बार लेन-देन की जा सकती है। इसके ऊपर लेन-देन करने पर आपको प्रति ट्रांजेक्शन 20 रु का जुर्माना देना होगा। दिक्कत यह है कि बैंक यूपीआई या अन्य किसी डिजिटल तरीके से की गयी लेन-देन को भी इन 4 ट्रांजेक्शन में शामिल कर रहे हैं।
क्या कहते हैं आरबीआई के नियम
आरबीआई के नियमों के अनुसार इस तरह का कोई चार्ज बीएसबीडीए खाताधारकों से नहीं लिया जाना चाहिए। मगर बैंक अपनी मनमानी के तहत ऐसा कर रहे हैं। इस बात का खुलासा आईआईटी बॉम्बे के एक प्रोफेसर की रिपोर्ट में हुआ है। इसलिए अगर आप भी जनधन खाताधारक हैं तो आगे से इस बात का ध्यान रखें और सोच समझ कर ही लेन-देन करें।
प्रति लेन-देन पर 20 रु तक जुर्माना
बैंकों की तरफ से 4 से अधिक लेन-देन पर प्रति ट्रांजेक्शन 20 रु तक चार्ज लगाया जा रहा है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई प्रति लेन-देन 17.70 रु वसूल रहा है। एसबीआई ने वित्त वर्ष 2014-15 से 2019-20 तक 5 सालों के दौरान करीब 12 करोड़ बीएसबीडीए खाताधारकों से लगभग 300 करोड़ रु वसूले हैं। इसी तरह भारत के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने 3.9 करोड़ बीएसबीडी खाताधारकों से इसी अवधि के दौरान 9.9 करोड़ रुपये वसूले।
जनधन खाताधारकों की संख्या
ताजा आंकड़ों के अनुसार जनधन खातों की संख्या 42 करोड़ से अधिक हो गयी है। इनमें सरकारी बैंकों में 33.23 करोड़, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 7.52 करोड़ और प्राइवेट बैंकों में 1.25 करोड़ खाते खुले हैं। कुल जनधन खाताधारकों में महिलाओं की संख्या 23.27 करोड़ है। प्रधानमंत्री जनधन योजना मोदी सरकार की सबसे शानदार योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत आप पोस्ट ऑफिस और किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में जीरो बैलेंस खाता खुलवा सकते हैं।
मिलेगी 10000 रु की मदद
अगर आपके पास जनधन खाता है तो आप जरूरत के समय खाते से 10000 रुपये तक निकाल सकते हैं। फिर चाहे आपके खाते का बैलेंस जीरो ही क्यों न हो। ये सुविधा ओवरड्राफ्ट के जरिए मिलती है। मगर इसके लिए आपको कुछ महीनों तक जनधन खाते का सही से रखरखाव करना होता है। पहले जनधन योजना में ओवरड्राफ्ट की लिमिट 5000 रु थी, जो अब 10000 रु हो चुकी है।


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