नई दिल्ली, मई 30। देश की सबसे बड़ी और सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सोमवार को 31 मार्च 2022 को समाप्त वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश कर दिए। तिमाही के लिए इसके स्टैंडअलोन प्रोफिट में 18 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका मुनाफा 2,372 करोड़ रुपये रह गया। बीमा कंपनी ने एक साल पहले इसी तिमाही में 2,893 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। इसके अलावा निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2022 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए 1.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है, जिस पर एजीएम (सालाना आम बैठक) में शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।
कितना रहा कंसोलिडिटेल प्रोफिट
एलआईसी का मार्च में समाप्त तिमाही के लिए कंसोलिडिटेड मुनाफा 2,409.39 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2,917.33 करोड़ रुपये की तुलना में 17.41 प्रतिशत कम है। इसकी शुद्ध प्रीमियम आय 1,44,158.84 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,22,290.64 करोड़ रुपये से 17.88 प्रतिशत अधिक रही। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद बीमा दिग्गज की ओर से यह पहले वित्तीय नतीजे हैं।
निवेश से आय
निवेश से कंपनी की आय 67,855.59 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले की तिमाही में 67,684.27 करोड़ की तुलना में लगभग सपाट रही। पिछले साल की चौथी तिमाही में 73.94 प्रतिशत की तुलना में 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो 69.24 प्रतिशत रहा। इसी तरह 25वें महीने का अनुपात 68.23 फीसदी बनाम 62.73 फीसदी और 61वें महीने का अनुपात 54.43 फीसदी के मुकाबले 55.61 फीसदी रहा। पर्सिस्टेंसी रेशियो उन पॉलिसीधारकों की संख्या को दर्शाता है जिन्होंने अपने रिन्यूअल प्रीमियम का भुगतान किया है।
फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम
कंपनी ने कहा कि पहले साल के प्रीमियम से इसकी आय 32.65 प्रतिशत बढ़ कर 14,663.19 करोड़ रुपये, रिन्यूअल प्रीमियम 5.37 प्रतिशत से बढ़ कर 71,472.74 करोड़ रुपये और सिंगल प्रीमियम से 33.70 प्रतिशत बढ़ कर 58,250.91 करोड़ रुपये हो गई। इस बीच आज कंपनी के शेयर मे मजबूती आई। सोमवार को बीएसई पर एलआईसी का शेयर 1.89 फीसदी बढ़कर 837.05 रुपये पर बंद हुआ।
आईपीओ ने डुबोया पैसा
ये एलआईसी के आईपीओ के बाद पहले वित्तीय नतीजे रहे। एलआईसी ने बीते मंगलवार को कहा था कि उसका बोर्ड डिविडेंड पर विचार करेगा। कंपनी ने कहा था कि बोर्ड 30 मई सोमवार को कंपनी के लिस्टिंग के बाद पहले तिमाही परिणामों के ऐलान के साथ साथ डिविडेंड पर विचार करेगा। लाभांश किसी कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को मुनाफे का वितरण होता है। जब कोई कंपनी लाभ या सरप्लस कमाती है, तो वह शेयरधारकों को लाभांश के रूप में लाभ के अनुपात का भुगतान करती है। जो मुनाफे की राशि निवेशकों को नहीं बांटी जाती, उसे बिजनेस में रीइंवेस्ट करने के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता है।
शेयर ने कराया नुकसान
4 मई से 9 मई तक चले आईपीओ के 20,557 करोड़ रुपये के आईपीओ को 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। यह शेयर 17 मई को इश्यू प्राइस से लगभग 9 प्रतिशत छूट पर लिस्ट हुआ। एक विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने इसके लिए 'न्यूट्रल' रेटिंग जारी की थी और एलआईसी के लिए 1,000 रुपये का टार्गेट सुझाया था।


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