ITC Share: देश की दिग्गज कंपनी आईटीसी ने आज 17 दिसंबर को बड़ा ऐलान किया है. भारत में डायवर्सिफाइड बिजनेस करने वाली कंपनी ने होटल कारोबार को अलग करने की दिशा में बाजार को अहम जानकारी दी है. एक्सचेंज को दी जानकारी के मुताबिक आईटीसी लिमिटेड और आईटीसी होटल्स लिमिटेड का डीमर्जर आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी, 2025 को प्रभावी होगा. यह कोलकाता बेस्ज ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो सिगरेट से लेकर हॉस्पिटैलिटी तक के सेक्टर में काम करता है.
NCLT ने पहले ही दी थी डीमर्जर को मंजूरी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की कोलकाता बेंच ने अक्टूबर की शुरुआत में ही इस विभाजन को मंजूरी दे दी थी. आईटीसी की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक योजना के खंड 28 के तहत सभी शर्तें पूरी हो गई हैं. इसमें पश्चिम बंगाल में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास आवश्यक आदेश दाखिल करना शामिल है. नतीजतन, खंड 5.1 (iii) और 5.1 (xvi) के अनुसार, नियुक्त और प्रभावी तिथि 1 जनवरी, 2025 तय की गई है.
होटल कारोबार होगा अलग
आईटीसी ने इस बात पर फोकस किया है कि उसका होटल वर्टिकल मैच्योरिटी पर पहुंच गया है. इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य आईटीसी होटल्स लिमिटेड के लिए एक केंद्रित व्यावसायिक दृष्टिकोण और एक इष्टतम पूंजी संरचना प्रदान करना है क्योंकि यह एक स्वतंत्र इकाई के रूप में अपनी नई यात्रा शुरू कर रहा है.

शेयरधारकों ने जून में ही इस डीमर्जर को अपनी मंजूरी दे दी थी. इसके अलावा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने मई में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. इन मंजूरी ने परिचालन दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ITC के स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग के रास्ते को साफ किया है.
आईटीसी के शेयर में तेज हलचल
आईटीसी लिमिटेड के शेयरों ने अलग-अलग समय में अलग-अलग प्रदर्शन दिखाया है. एक कारोबारी दिन में शेयर 475.80 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, जो 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्शाता है. शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 528.50 रुपए है, जबकि इसका न्यूनतम स्तर 399.35 रुपए है. पिछले एक महीने में शेयरों में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई है, जिसमें छह महीने की बढ़त लगभग 10 प्रतिशत है.


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