भारतीय आईटी सेक्टर में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों का सीजन 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। सबसे पहले देश की दिग्गज आईटी कंपनी TCS अपने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी। इसके बाद HCL Tech, Tata Technologies, Wipro, Tech Mahindra और Infosys समेत दूसरी कंपनियां अपने नतीजे घोषित करेंगी।

हालांकि इस बार बड़ी आईटी कंपनियों से बहुत मजबूत ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। ब्रोकरेज के मुताबिक AI के कारण बढ़ता प्राइसिंग दबाव, कमजोर वैश्विक माहौल और ग्राहकों के खर्च में सतर्कता का असर दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता है।
कब आएंगे TCS, HCL Tech और Infosys के नतीजे?
TCS 8 अक्टूबर को Q2 FY27 के नतीजे जारी करेगी। इसके बाद HCL Tech 12 अक्टूबर को, Tata Technologies 14 अक्टूबर को और Wipro तथा Tech Mahindra 15 अक्टूबर को नतीजे घोषित करेंगे। L&T Technology Services के नतीजे 19 अक्टूबर को आएंगे। वहीं Infosys और Coforge 23 अक्टूबर को अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगे। KFin Technologies 26 अक्टूबर को नतीजे घोषित करेगी।
बड़ी आईटी कंपनियों में ग्रोथ रहेगी सुस्त-
Kotak Institutional Equities के मुताबिक Tier-1 आईटी कंपनियों के लिए यह तिमाही भी म्यूटेड रह सकती है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक HCL Tech की ऑर्गेनिक ग्रोथ करीब 2% QoQ रह सकती है। Infosys के लिए 1.1% और TCS के लिए सिर्फ 0.5% QoQ ग्रोथ का अनुमान है। Tech Mahindra के लिए 1.6% QoQ ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। वहीं, Tier-2 कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। Persistent Systems, Coforge और Mphasis जैसी कंपनियों को मजबूत डील रैंप-अप और अधिग्रहण से फायदा मिल सकता है। PL Capital के मुताबिक Tier-2 कंपनियों की ग्रोथ Tier-1 कंपनियों से बेहतर रह सकती है।
AI से बढ़ा प्राइसिंग दबाव-
आईटी कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती AI से पैदा हो रहा बदलाव है। AI की मदद से कई तकनीकी काम कम समय और कम लागत में हो रहे हैं, जिससे मौजूदा और नए कॉन्ट्रैक्ट्स में कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। इसे AI-led deflation कहा जा रहा है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कमजोर मांग और कंपनियों के विवेकाधीन खर्च में सावधानी भी आईटी कंपनियों की ग्रोथ को प्रभावित कर रही है।
Guidance और Margin पर भी नजर-
इस तिमाही में निवेशकों की नजर कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस और मार्जिन पर रहेगी। विश्लेषकों को उम्मीद है कि रुपये की कमजोरी, बेहतर उपयोगिता और लागत में कटौती से मार्जिन को कुछ सहारा मिल सकता है। हालांकि AI में निवेश और प्राइसिंग दबाव इस फायदे को सीमित कर सकते हैं। Infosys के गाइडेंस में कटौती और HCL Tech के गाइडेंस में बदलाव पर भी बाजार की नजर रहेगी।
Dividend और Bonus भी रहेंगे फोकस में-
नतीजों के साथ निवेशकों के लिए डिविडेंड और बोनस भी अहम होंगे। TCS 8 अक्टूबर को दूसरे अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगी, जबकि HCL Tech 12 अक्टूबर को तीसरे अंतरिम डिविडेंड पर फैसला कर सकती है। Infosys 23 अक्टूबर को अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगी। सबसे ज्यादा चर्चा Tech Mahindra को लेकर है, जिसकी बोर्ड बैठक 15 अक्टूबर को होगी और इसमें अंतरिम डिविडेंड के साथ बोनस शेयर पर भी विचार किया जाएगा।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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